India's Vs US : भारत की अमेरिका को दो टूक- CAA हमारा आंतरिक मामला, जिन्हें भारत की समझ नहीं वे लेक्चर न दें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 15, 2024, 05:47 PM IST

India's Vs US on CAA: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस अधिनियम का लक्ष्य अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है।

CAA India's Internal Matter: भारत ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए इस पर अमेरिका के बयान को गलत और अनुचित बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 भारत का आंतरिक मामला है और इसके लागू होने के संबंध में अमेरिका का बयान गलत जानकारी वाला और अनुचित है। अमेरिका द्वारा अधिनियम की अधिसूचना पर चिंता जताए जाने के बाद भारत ने अपना मजबूत रुख जताया है। अमेरिका के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि उसे इस मामले में किसी भी बड़े देश के विचारों को तवज्जो नहीं देता है जिनके पास भारत की बहुलवादी परंपराओं की सीमित समझ है।

MEA on CAA

भारत ने कहा, सीएए भारत का आंतरिक मामला

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा था, हम 11 मार्च को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम की अधिसूचना को लेकर चिंतित हैं। हम बारीकी से निगरानी कर रहे हैं कि यह अधिनियम कैसे लागू किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान और सभी समुदायों के लिए कानून के तहत समान व्यवहार मौलिक लोकतांत्रिक सिद्धांत हैं।

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