करगिल एयरस्ट्रिप पर पहली बार उतरा C-17 ग्लोबमास्टर, भारतीय वायुसेना ने दिखाई अपनी ताकत

C-17 Globemaster: भारतीय वायुसेना ने C-17 ग्लोबमास्टर को करगिल एयरस्ट्रिप पर सफलतापूर्वक लैंड करवा कर इतिहास रच दिया है। बता दें, अभी तक श्रीनगर एयरबेस और लेह के एयरबेस से C-17 ग्लोबमास्टर को ऑपरेट किया जाता था।

Kargil Airfield: करगिल एयरस्ट्रिप पर पहली बार भारतीय वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर विमान सफलतापूर्वक उतरा। इससे सेना की रसद और सैनिकों को पहुंचाने की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। पहले यहां सिर्फ AN-32 और C-130J विमानों के जरिए सामान भेजा जाता था। C-17 की लोड कैरिंग क्षमता 25-35 टन है, जो C-130J से चार गुना ज्यादा है। इससे सर्दियों में जब सड़कें बंद रहती हैं, तब सीमावर्ती इलाकों में आपूर्ति सुनिश्चित करना आसान होगा। इससे पहले, जनवरी 2024 में भारतीय वायुसेना ने पहली बार रात के समय C-130J को उतारकर नया रिकॉर्ड बनाया था।

C-17 Globemaster

करगिल एयरस्ट्रिप पर उतरा C-17 ग्लोबमास्टर

9700 फिट की उंचाई पर स्थित है कारगिल एयर फील्ड

बता दें, अभी तक श्रीनगर एयरबेस और लेह के एयरबेस से C-17 ग्लोबमास्टर को ऑपरेट किया जाता था। अब जरूरत पड़ने पर कारगिल से भी इसके ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सकेगा। कारगिल एयर फील्ड 9700 फिट की उंचाई पर स्थित है। कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानियों ने इस एयर स्ट्रिप पर आर्टेलरी शैलिंग भी की थी। यह द्रास के वेस्टऔर बटालिक के ईस्ट में स्थित है।

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