भारत की बहुप्रतीक्षित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में पहली पहाड़ी सुरंग का ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। यह सुरंग लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी (MT-5) है और पालघर जिले की सबसे लंबी पहाड़ी सुरंगों में से एक है।
बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया
यह सुरंग विरार और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। खास बात यह है कि इस सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से की गई और महज 18 महीनों में काम पूरा कर लिया गया।
आधुनिक तकनीक से सुरक्षित निर्माण
सुरंग निर्माण में अत्याधुनिक ड्रिल एंड ब्लास्ट तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक से खुदाई के दौरान ज़मीन की गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जाती है और ज़रूरत के अनुसार सुरक्षा इंतज़ाम किए जाते हैं। सुरंग में वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा और आने-जाने के सुरक्षित रास्तों का पूरा ध्यान रखा गया।
अब दूरी नहीं बनेगी परेशानी
बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद का सफर सिर्फ 1 घंटा 58 मिनट में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना देश के बड़े कारोबारी शहरों को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन से जोड़ने जा रही है।
पर्यावरण और रोजगार-दोनों को फायदा
रेल मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना से न केवल हज़ारों लोगों को रोज़गार मिल रहा है, बल्कि इसके शुरू होने के बाद भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि यह परियोजना सड़क परिवहन की तुलना में करीब 95% तक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करेगी, जिससे पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
महाराष्ट्र में 7 पहाड़ी सुरंगों पर काम तेज
महाराष्ट्र में कुल 7 पहाड़ी सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 6 किलोमीटर है। इनमें से MT-5 सबसे लंबी सुरंग है, जिसका ब्रेकथ्रू 2 जनवरी 2026 को पूरा हुआ। बाकी सुरंगों पर भी तेज़ी से काम चल रहा है।
नए भारत की तेज़ रफ्तार तस्वीर
508 किलोमीटर लंबी यह हाई-स्पीड रेल परियोजना गुजरात, दादरा-नगर हवेली और महाराष्ट्र से होकर गुज़रेगी और मुंबई, थाने, विरार, बोईसर, सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों को जोड़ेगी। यह परियोजना न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि औद्योगिक विकास, आईटी हब और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देगी।
