UP: 'बुल्डोजर कानून' को SC में चुनौती, कहा- यह Law लोगों के मूल अधिकारों के खिलाफ

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Dec 6, 2022, 05:26 PM IST

इस कानून का नियम 22 कहता है कि किसी भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा जांच के बीच में कभी भी दर्ज किया का सकता है और उसके लिए आरोपी का आपराधिक इतिहास होना जरूरी नहीं है।

उत्तर प्रदेश के बुलडोजर कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है। याचिकाकर्ता अनस चौधरी ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स-एंटी सोशल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (1986) की धारा 3,12 और 14 और प्रिवेंशन रूल(2021) को 16(3), 22, 35, 37(3) और 40 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। इस गैंगस्टर कानून के तहत यूपी सरकार की बुलडोजर की कार्रवाई कई बार आलोचना के घेरे में रही है।

कानून के शासन का अपमान है गैंगस्टर एक्ट

याचिका में कहा गया है कि न्यायपालिका आम लोगों के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करती है। ऐसे में अदालत लोगों के अधिकारों का हनन करने वाले कानूनों की न्यायिक समीक्षा कर सकती है। ये वही कानून है जिसके तहत यूपी की मौजूदा सरकार अपराधिक कृत्य में शामिल आरोपियों के खिलाफ बुल्डोजर की कार्रवाई करती है। आइए, आपको समझाते हैं कि याचिका के जरिए इस कानून के किन प्रावधानों पर सवाल खड़े किए गए हैं:

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