BSP Leader Expelled: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सागर को कथित तौर पर अपने बेटे की शादी अलापुर विधानसभा सीट से सपा विधायक की बेटी से करने के लिए पार्टी से निकाल दिया। बसपा का कहना है कि सागर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल थे, लेकिन सागर ने इसका खंडन करते हुए कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। मैंने सिर्फ अपने बेटे की शादी सपा विधायक त्रिभुवन दत्त की बेटी से तय की है।
मायावती का एक्शन
शादी समारोह में अखिलेश भी पहुंचे थे
28 नवंबर को अंबेडकर नगर में विवाह समारोह में शामिल हुए रामपुर की बसपा जिला इकाई के अध्यक्ष प्रमोद सागर को भी पद से हटा दिया गया है और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए अंबेडकर नगर गए थे। इस मौके पर बसपा नेता सुरेंद्र सागर और प्रमोद सागर भी सपा प्रमुख के साथ रहे। सोशल मीडिया पर वरिष्ठ बसपा नेताओं के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर वायरल होने के बाद बसपा कार्यालय की ओर से पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आदेश जारी किया गया।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने सुरेंद्र सागर और प्रमोद सागर के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों के खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, बसपा और सपा की विचारधाराओं के बीच मतभेद स्पष्ट हैं। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता हमारी कैडर-आधारित पार्टी के नियमों से अवगत हैं, फिर भी दोनों नेताओं ने उनका उल्लंघन किया। विवाह समारोह में शीर्ष सपा नेताओं की उपस्थिति को दोनों ने एक बड़े कार्यक्रम में बदल दिया।
निकाले गए नेताओं ने कहा, नहीं की अनुशासनहीनता
हालांकि सुरेंद्र सागर और प्रमोद सागर ने कहा कि उन्होंने पार्टी के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है और अनुशासनहीनता नहीं की है। नवंबर में बसपा प्रमुख ने पश्चिम यूपी के मंडल प्रभारी प्रशांत गौतम और आधा दर्जन पदाधिकारियों को बसपा की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष मुनकाद अली के बेटे की सपा नेता की बेटी के साथ हुई शादी के समारोह में शामिल होने के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
शुक्रवार को ट्वीट कर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, पार्टी सदस्यों को मुनकाद अली के बेटे के समारोह में शामिल होने से रोक दिया गया क्योंकि उनकी बेटी सपा के टिकट पर मीरापुर से विधानसभा उपचुनाव लड़ रही थी और बसपा भी यह उपचुनाव लड़ रही थी। ऐसे में शादी में दोनों पक्षों के लोगों के बीच झड़प होने की चर्चा आम रही। इससे बचने के लिए पार्टी को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। लेकिन जिस तरह से इसे प्रचारित किया जा रहा है वह सही नहीं है।
