भारत के ब्रिज मैन गिरीश भारद्वाज का निधन, तीन दशकों में बनाए 140 पैदल पुल, हजारों लोगों का जीवन बदल दिया

उनके अनूठे, कम लागत वाले पुल की डिजाइनों ने स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों तक वर्ष पर्यंत पहुंच की सुविधा देकर हजारों लोगों का जीवन बदला। भारद्वाज ने अपना पहला सस्पेंशन सेतु पयस्विनी नदी पर 1989 में बनाया था

Bridge man of India Dies: पद्मश्री से सम्मानित और सुदूर गांवों में कम लागत वाले सस्पेंशन सेतुओं का निर्माण करने के लिए प्रसिद्ध 76 वर्षीय गिरीश भारद्वाज का मंगलवार तड़के सुलिया में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में सुलिया से मैकेनिकल इंजीनियर भारद्वाज ने तीन दशकों तक देशभर में 140 से अधिक सस्पेंशन पैदल पुलों का निर्माण कर अलग-थलग पड़े ग्रामीण समुदायों को जोड़ा।

Girish bhardwaj

नहीं रहे ब्रिज मैन गिरीश भारद्वाज (फोटो- विकिमीडिया)

पहला सस्पेंशन सेतु पयस्विनी नदी पर 1989 में बनाया था

उनके अनूठे, कम लागत वाले पुल की डिजाइनों ने स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों तक वर्ष पर्यंत पहुंच की सुविधा देकर हजारों लोगों का जीवन बदला। भारद्वाज ने अपना पहला सस्पेंशन सेतु पयस्विनी नदी पर 1989 में बनाया था और बाद में उनके काम का विस्तार कर्नाटक, केरल और कई अन्य राज्यों में हुआ जिससे उन्हें भारत के सेतु पुरुष के तौर पर ख्याति मिली।

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