BRICS Summit: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया के सामने एक नया आर्थिक विकल्प पेश किया है। यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं। विशेष रूप से जी-7 देशों और यूरोपीय संघ ने रूसी कच्चे तेल का परिवहन करने वाले जहाजों के बीमा पर रोक लगा दी थी, जिससे रूस के निर्यात पर असर पड़ा। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने ब्रिक्स देशों के बीच एक नया स्वतंत्र बीमा तंत्र (Insurance Mechanism) और अनाज बाजार (Grain Market) बनाने की सिफारिश की है।
पश्चिमी प्रतिबंधों को पुतिन की खुली चुनौती
पुतिन ने साफ कहा कि ब्रिक्स और 'ग्लोबल साउथ' के देशों को बाहरी दबावों से मुक्त होकर काम करना चाहिए। आज हमारे पास पूंजी, श्रम और तकनीक के आदान-प्रदान के लिए स्वतंत्र रास्ते मौजूद हैं। रूस18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सदस्य देशों के बीच एक नया बीमा तंत्र (Insurance Mechanism) और अनाज बाजार बनाने का प्रस्ताव रखा है। द्वारा प्रस्तावित यह नया बीमा और व्यापार मॉडल सदस्य देशों को पश्चिमी पाबंदियों से सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने अन्य सभी सहयोगी देशों को इस व्यवस्था से जुड़ने का न्योता दिया ताकि वैश्विक व्यापार को बिना किसी रुकावट के चलाया जा सके।
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सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना जरूरी-पुतिन
अपने संबोधन में रूसी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के कामकाज की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि यह बैंक इस समय 140 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की विभिन्न विकास परियोजनाओं को संभाल रहा है। पुतिन ने जोर देकर कहा कि दुनिया के सामने आ रही पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। समस्याओं के केवल लक्षणों का इलाज करने के बजाय उनकी मुख्य वजहों को खत्म करना होगा।
वैश्विक मंच पर लगातार बढ़ती ब्रिक्स की साख और लोकप्रियता
आज वैश्विक मंच पर ब्रिक्स की साख और लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। 2024 और 2025 में हुए विस्तार के बाद अब इस समूह में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के अलावा कई अन्य प्रमुख देश शामिल हो चुके हैं। यह संगठन अब दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करते हुए ब्रिक्स आज एक निष्पक्ष और स्वतंत्र वैश्विक व्यवस्था का निर्माण कर रहा है।
