BRICS Foreign Ministers' Meet: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार से आयोजित हो रही ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे उसके असर को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में शामिल होने के लिए विभिन्न देशों के विदेश मंत्री बुधवार की शाम नई दिल्ली पहुंचे।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक आज
अराघची भी हो रहे शामिल
कई हफ्तों की अनिश्चितताओं के बाद ईरान के दूतावास ने बीते दिनों विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भारत आने की जानकारी दी। फिलहाल अराघची नई दिल्ली में हैं, जहां वह ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में शिरकत करेंगे। 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत के बाद से तेहरान से भारत की यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा होगी।
चीनी विदेश मंत्री नहीं होंगे शामिल
इस बैठक के चीन के विदेश मंत्री वांग यी शामिल नहीं होंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री वांग यी की जगह भारत में चीन के राजदूत शी फीहोंग बैठक में शामिल होंगे। हालांकि, चीनी मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत के 'ब्रिक्स' की अध्यक्षता करने का चीन समर्थन करता है।
ब्रिक्स सम्मेलन 2026
ब्रिक्स दुनिया की प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। ब्रिक्स दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है, जो वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन इसके सदस्य देशों के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 14-15 मई को नई दिल्ली में हो रही है, जहां भारत क्रमिक आधार पर 10 सदस्यीय 'ब्रिक्स' समूह की अध्यक्षता कर रहा है। 'ब्रिक्स' के मूल सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, लेकिन 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ।
