Brazil Cocaine to Delhi: गुजरात एटीएस (ATS) और इंडियन कोस्ट गार्ड ने एक साझा ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ करते हुए समुद्र के रास्ते भारत लाई जा रही करीब 118.977 किलोग्राम कोकीन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 1150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह खेप ब्राजील से लोड की गई थी और इसे मुंद्रा समुद्री सीमा के जरिए दिल्ली तक पहुंचाया जाना था।
दिल्ली के युवाओं को बर्बाद करने के तार ब्राजील से जुड़े, गुजरात के रास्ते भेजी जा रही थी 1150 करोड़ की कोकीन, एक सूचना और ऑपरेशन शुरू
खुफिया जानकारी पर आधी रात को शुरू हुआ बड़ा ऑपरेशन
गुजरात एटीएस के पुलिस इंस्पेक्टर जे.एम. पटेल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि 'यूरोप' (Europe) नाम के एक कार्गो जहाज में तंजानिया के क्रू मेंबर्स करीब 150 किलो कोकीन छिपाकर ला रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यह खेप 26 मई 2026 की सुबह मुंद्रा समुद्र क्षेत्र के आउटर एंकरज इलाके में किसी स्थानीय फिशिंग बोट को सौंपी जानी थी, ताकि वहां से इसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए एटीएस के पुलिस अधीक्षक के. सिद्धार्थ के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम मुंद्रा भेजी गई। इस बड़े ऑपरेशन में इंडियन कोस्ट गार्ड के साथ-साथ कच्छ एसओजी, मरीन पुलिस और मुंद्रा पोर्ट अथॉरिटी भी शामिल हुई। 25 मई की आधी रात को ही संयुक्त टीम समंदर में मुस्तैद हो गई।
समंदर में बैग फेंककर भागने की कोशिश, एयरटैग से हो रही थी ट्रैकिंग
26 मई की सुबह जब आउटर एंकरज क्षेत्र में 'यूरोप' जहाज संदिग्ध हालत में दिखा, तो कोस्ट गार्ड की बोट को अपनी तरफ आता देख जहाज के डेक पर मौजूद दो लोगों ने घबराहट में कुछ भारी बैग समंदर में फेंक दिए। कोस्ट गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए समंदर से पानी में तैर रहे पांचों बैगों को सुरक्षित बाहर निकाला। जब ड्रग डिटेक्शन किट से इसकी जांच की गई, तो उसमें उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन होने की पुष्टि हुई। इन पांच बैगों से कुल 115 पैकेट बरामद हुए, जिनका वजन लगभग 119 किलो है। चौंकाने वाली बात यह है कि ड्रग तस्करों ने इन बैगों के अंदर चार 'Apple AirTags' भी छिपा रखे थे, ताकि सैटेलाइट के जरिए पूरी खेप की लाइव लोकेशन को ट्रैक किया जा सके। इसके अलावा स्टीयरिंग गियर रूम से गारमिन कंपनी के जीपीएस और सैटेलाइट कम्युनिकेटर भी मिले हैं।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा समंदर में कूदा; दिल्ली से दो विदेशी नागरिक हिरासत में
नशीला सामान बरामद होने के बाद सुरक्षाबलों ने जहाज पर मौजूद क्रू से कड़ाई से पूछताछ की। इस दौरान तंजानिया के रहने वाले जुमा नासिर उमर (Juma Nasir Omar) को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने कबूल किया कि यह कोकीन नवंबर 2025 से ही जहाज के मोटर रूम में छिपाकर रखी गई थी। इसी पूछताछ के दौरान दूसरा आरोपी नगींगिते नासोरो जुमाने (Ngingite Nassoro Jumanne) पुलिस को चकमा देकर समंदर में कूद गया, जिसकी तलाश जारी है। वहीं दूसरी तरफ, इस खेप की डिलीवरी लेने वाले दिल्ली के द्वारका में रह रहे केल्विन (Kelvin Chukwuma - नाइजीरिया) और जेम्स (Byaruhanga James - युगांडा) को भी दिल्ली पुलिस के सहयोग से हिरासत में ले लिया गया है, जिन्हें जल्द ही गुजरात लाया जाएगा।
कराची और लैटिन अमेरिका से जुड़ा है रूट, फंडिंग की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का नेटवर्क बेहद मजबूत और लंबा है। यह रूट ब्राजील से शुरू होकर लैटिन अमेरिका, मैक्सिको, अमेरिका और पाकिस्तान के कराची बंदरगाह होते हुए गुजरात के मुंद्रा तट तक पहुंचता था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 किलो कोकीन की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है, जिससे इस पकड़ी गई खेप की कीमत ₹1150 करोड़ से ज्यादा आंकी गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े विदेशी आकाओं, फंडिंग के रास्तों और समुद्री रूट के स्थानीय मददगारों का पता लगाने में जुटी हैं।
