ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा ब्रह्मोस का जलवा, अब रूस भी खरीदेगा भारत की ये मिसाइल, जल्द होगी आपूर्ति!

ब्रह्मोस को भारत की डीआरडीओ (DRDO) और रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया (NPOM) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। भारत सरकार 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है और ब्रह्मोस को इस दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

भारत और रूस की संयुक्त परियोजना ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जैतीर्थ जोशी ने गुरुवार को कहा कि रूस अपनी सेना में ब्रह्मोस मिसाइल को शामिल करने का इच्छुक है और इस संबंध में दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत से रूस को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति की जा सकती है।

रूस ने ब्रह्मोस खरीदने में दिखाई रुचि।

रूस ने ब्रह्मोस खरीदने में दिखाई रुचि।

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ ने किया दावा

नागपुर में सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित 100वें स्वदेशी बूस्टर के फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के बाद जोशी ने ये दावा किया। उन्होंने कहा कि रूस के पास पहले से ब्रह्मोस उत्पादन की सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए उसकी जरूरतें बढ़ी हैं। ऐसे में भारत और रूस मिलकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम करेंगे।

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