हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव (Himachal Pradesh Assembly Election) जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है,वैसे-वैसे ही BJP चुनाव में जबरदस्त मेहनत कर रही है। आपको बता दें कि भाजपा ने रविवार को अपना चुनावी घोषणापत्र ग्यारह बिंदुओं के साथ जारी किया-समान नागरिक संहिता लागू करने से लेकर राज्य में न्यायिक समितियों के तहत वक्फ संपत्तियों की जांच तक।
घोषणापत्र के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राज्य पार्टी प्रमुख सुरेश कश्यप, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य मौजूद थे। अब सवाल ये है कि चुनाव से ठीक पहले BJP UCC की बात करके बड़ा दांव खेल रही है ?
..बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में जनता से कई अहम वादे किए - इसी संकल्प पत्र के जरिए बीजेपी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का बड़ा दावा किया है ...इससे पहले उत्तराखंड में बीजेपी सरकार इसे लागू करने के लिए समिति बना चुकी है तो चुनाव के ऐलान से ठीक पहले गुजरात में भी बीजेपी ने UCC पर समिति बनाई है .....बीजेपी ने वादा किया कि अब हिमाचल प्रदेश में बीजेपी यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर आएगी
वक्फ की संपत्ति की जांच करने की बात कहकर 'हिंदुत्व' वाला दांव खेला है
इसके अलावा बीजेपी ने वक्फ की संपत्ति की जांच करने की बात कहकर हिंदुत्व वाला दांव खेला है-नड्डा ने साफ किया कि वक्फ की संपत्तियों की जांच की जाएगी ..अभी यूपी में योगी सरकार वक्फ की संपत्तियों की जांच कर रही है जिसका कई मुसलमान संगठन विरोध भी कर रहे हैं
कांग्रेस ने बीजेपी के इस वादे को चुनावी हथकंडा बताया
UCC पर बीजेपी ने बड़ा दांव खेला तो विपक्ष ने बीजेपी पर हमला बोला - कांग्रेस ने बीजेपी के इस वादे को चुनावी हथकंडा बताया तो समाजवादी पार्टी ने भी कहा कि बीजेपी संस्कृति से खिलवाड़ कर रही है
आज 6 राज्यों के सात विधानसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजे भी सामने आए हैं जिसमें बीजेपी चार सीटों पर कब्जा करने में कामयाब रही जबकि एक सीट पर आरजेडी, एक सीट पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने कब्जा जमाया है ...बिहार की दो सीटों में से बीजेपी को एक और एक सीट आरजेडी के खाते में गई तो यूपी में फिर बीजेपी ने कब्जा जमाया ...हरियाणा की आदमपुर सीट पर भी बीजेपी ने कब्जा जमाया तो नवीन पटनायक के गढ़ में बीजेपी ने बीजेडी को हराकर उपचुनाव में कब्जा किया।
ऐसे में आज के सवाल हैं-
UCC पर दांव से जीतेंगे विधानसभा चुनाव ?
UCC पर बीजेपी का संकल्प ...विपक्ष के पास क्या विकल्प ?
'उपचुनाव' के नतीजे किसे नफा किसे नुकसान ?
2024 की पिक्चर...गुजरात-हिमाचल से क्लियर ?
