उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग के बाद भारतीय जनता पार्टी ने करारा पलटवार किया है। शनिवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने साफ किया कि वायरल वीडियो में दूर-दूर तक कोई जातिगत कोण (Caste Angle) नहीं है।
उत्तराखंड विवाद पर गरमाई राजनीति
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास अब कोई नए विचार नहीं बचे हैं, इसलिए वे बार-बार जाति, भाषा, क्षेत्र और लिंग जैसे मुद्दों को उठाकर भारतीय समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करते हैं। त्रिवेदी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का एकमात्र मकसद हिंदुओं को आपस में लड़ाना है और वे पर्दे के पीछे से मैकाले, मार्क्स और मौलाना के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।
राहुल गांधी के दलित प्रेम पर उठाए सवाल?
राहुल गांधी के दलित प्रेम पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस शासित राज्यों की पुरानी घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने 2019 और 2021 में राजस्थान के भिवाड़ी, अलवर और झालावाड़ में दलित युवकों पर हुए जानलेवा हमलों का हवाला देते हुए पूछा कि उस समय कांग्रेस की सरकार ने क्या कदम उठाए थे? इसके अलावा, उन्होंने कर्नाटक के पूर्व कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि दलित समुदाय से आने वाले अपने ही नेता का कांग्रेस ने साथ नहीं दिया और उन्हें कोर्ट में अकेले लड़ाई लड़नी पड़ी।
कांग्रेस सांसद ने पीएम मोदी से की कार्रवाई की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने भी कांग्रेस पर 'दलित विरोधी' मानसिकता रखने का आरोप लगाया। यह पूरी बहस तब शुरू हुई जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि उत्तराखंड में शुद्धिकरण का कर्मकांड करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस पूरे वाकये ने दोनों दलों के बीच सियासी पारे को और चढ़ा दिया है।
