उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद वरुण गांधी ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के उस न्यौते को ठुकरा दिया है, जिसमें उनसे "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सही रास्ते पर है या नहीं?" (This House Believes Modi’s India is on the Right Path) विषय पर होने वाली चर्चा में भाग लेने के लिए गुजारिश की गई थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वरुण गांधी। (फाइल)
अप्रैल और जून के बीच होने वाली इस डिबेट के लिए यह आमंत्रण संघ के अध्यक्ष मैथ्यू डिक की ओर से भाजपा सांसद को भेजा गया था। गांधी की ओर से इस बारे में कहा गया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर घरेलू चुनौतियों को उठाने की कोई योग्यता या समग्रता नजर नहीं आती है। साथ ही इस तरह का कदम एक ‘अपमानजनक काम’ होगा।
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को इस बारे में मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ हाल के दिनों में मुखर रहे वरुण ने यह निमंत्रण इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि ऑक्सफोर्ड यूनियन चाहता था कि वह इस प्रस्ताव के खिलाफ बोलें कि “यह सदन मोदी के भारत को सही रास्ते पर मानता है”।
सबसे रोचक बात यह है कि पूर्व में कई मौकों और मसलों पर अपनी ही सरकार की आलोचना करने वाले और सवाल खड़े करने वाले वरुण के पास यह आमंत्रण संयोग से ऐसे समय पर आया, जब उनके चचेरे भाई और कांग्रेस पार्टी के पूर्व चीफ राहुल गांधी कुछ रोज पहले अपनी लंदन यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों को लेकर विवादों में घिर गए थे।
बीजेपी की ओर से विदेश में उनके दिए गए बयान को न सिर्फ मुद्दा बनाया गया, बल्कि उस पर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार फिलहाल गर्म है। सत्तारूढ़ दल की ओर से दूसरे वतन में राहुल की टिप्पणियों को भारतीय लोकतंत्र के लिए “अपमानजनक” करार दिया गया।
