देश में दो हजार के नोटों की कालाबाजारी और नकली नोटों का मामला सोमवार को संसद में उठा। इस मुद्दे को कांग्रेस और बीजेपी, दोनों के सांसदों की तरफ से उठाया गया। सांसदों की मांग है कि जब रिजर्व बैंक ने पिछले तीन साल से दो हजार के नोट छापें ही नहीं हैं, तो अब इसके चलन में रहने का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में सांसदों ने मांग की है कि सरकार को तुरंत दो हजार के नोटों का चलन बंद कर देना चाहिए, ताकि इसकी कालाबाजारी रुक सके।
दो हजार के नोटों को बंद करने की बीजेपी सांसद ने की मांग
सुशील कुमार मोदी ने उठाया मुद्दा
संसद में सोमवार को कई सांसदों ने दो हजार के नकली नोटों का मामला उठाया। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि दो हजार के नोटों की होर्डिंग हो रही है। इसका इस्तेमाल साधारण लेन देन में नहीं हो रहा। इसके दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। इसका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हो रहा है।इसका इस्तेमाल टेरर फंडिंग में, ड्रग कारोबार में हो राहा है। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी बड़े डिनॉमिनेशन के नोट चलन में नहीं हैं। सुशील मोदी ने सरकार से अपील की कि वो धीरे धीरे बाजार से दो हजार के नोट वापस लेकर इसका चलन बंद कर दें।
2016 में लाया गया था ये नोट
साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रातों रात नोटबंदी करके पुराने करेंसी को बैन कर दिया। उद्देश साफ था कि देश के भीतर और बाहर कलाधन जमा करने वालों की कमरतोड़ देना। सरकार ने पुराने नोटों को अवैध करार देकर पांच सौ और दो हजार के नए नोटों का चलन शुरू किया था। लेकिन जल्द ही विशेषज्ञ भी मानने लगे कि दो हजार के नोटों की वजह से कालाधन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने कभी दो हजार के नोट को लेकर कोई औपचारिक ऐलान तो नहीं किया लेकिन दो हजार के नोट धीरे-धीरे एटीएम से गायब होने लगे।
नकली नोटों की बाढ़
देश में नोटों को चलाने और वापस लेने का काम आरबीआई करता है। आरबीआई ने पिछले तीन साल से इसकी छपाई बंद कर रखी है। ऐसे में जिन लोगों के पास पहले से दो हजार के नोट हैं, उनको सचेत हो जाना चाहिए। सरकार के पास जो खुफिया जानकारी है, उसके मुताबिक भी सीमा पार से दो हजार के नकली नोट के जरिए हमारी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। हाल ही में एंटी करप्शन ब्यूरू ने कई जगहों से दो हजार कर नकली नोट पकड़े हैं।
