पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने यानी कैश फ़ॉर क्वेरी (Cash For Query) का मामला एक बार फिर से गर्माता जा रहा है। इस बार इस आरोप की जद में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की तेजतर्रार लोक सभा सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) नजर आ रही हैं वहीं महुआ मोइत्रा ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं के खिलाफ पहले से विशेषाधिकारों के उल्लंघन के मामले लंबित हैं, उनपर कार्यवाही के बाद मेरे खिलाफ किसी भी प्रस्ताव का स्वागत है।
Cash For Query का मामला एक बार फिर से गर्माता जा रहा है
मामले की जानकारी सार्वजनिक होते ही भाजपा लोक सभा सांसद निशिकांत दुबे ने लोक सभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर इस मामले को वर्ष 2005 की तरह गंभीर बताते हुए इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए जांच समिति बनाने, महुआ मोइत्रा को तुरंत सदन से निलंबित करने और जांच समिति की रिपोर्ट आने तक उन्हें निलंबित रखने की मांग की है।
निशिकांत दुबे ने एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई से मिले पत्र का हवाला देते हुए स्पीकर बिरला को लिखा है कि महुआ मोइत्रा ने सदन में सवाल पूछने के लिए एक बिज़नेस टाइकून से कैश और गिफ्ट लिया।
दुबे ने इसे 'विशेषाधिकार का उल्लंघन', 'सदन की अवमानना' और आईपीसी की धारा 120-ए के तहत क्रिमिनल ऑफेंस करार देते हुए कहा कि टीएमसी सांसद ने इसके बदले में अदानी समूह से जुड़े प्रश्नों को संसद में पूछा। यहां तक कि बार-बार इसे सरकार से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा ताकि कोई उनकी मंशा पर सवाल न उठा सके।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का पलटवार
वहीं इसपर पलटवार करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा भाजपा के कई अन्य दिग्गजों के खिलाफ भी विशेषाधिकार उल्लंघन के कई मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि लोक सभा स्पीकर को उनकी शिकायतों पर भी विचार करना चाहिए, उन्होंने कहा कि लोक सभा स्पीकर जब उनकी शिकायतों पर कार्रवाई कर लें, उसके बाद वे अपने खिलाफ किसी भी प्रस्ताव का सामना करने को तैयार हैं।
