Nishikant Dubey : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने भारतीयों से तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा न करने की अपील की है। भाजपा सांसद ने कहा है कि 'दुश्मन का दोस्त दुश्मन' होता है इसलिए भारतीयों को इन दोनों देशों की यात्रा नहीं करनी चाहिए। दरअसल, पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के गुनहगारों को सजा देने के लिए भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। सात मई को भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पांच और पाकिस्तान के पंजाब में चार कुछ नौ आतंकी ढांचों को निशाना बनाकर उन्हें ध्वस्त किया। भारत के इस ऑपरेशन के खिलाफ तुर्किये और अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया।
तुर्किये और अजरबैजान घूमने जाते हैं भारतीय।
पूर्ण युद्ध में बदल सकता है ऑपरेशन-तुर्किये
छह-सात मई की रात हुए भारत के इस ऑपरेशन पर तुर्किये ने कहा कि 'वह चिंता के साथ भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ रहे तनाव पर नजर बनाए हुए है। भारत ने जो कार्रवाई की है उससे पूर्ण युद्ध में बदल जाने का खतरा है। हम उकसाने वाली इस तरह की कार्रवाई और नागरिकों एवं नागरिक प्रतिष्ठानों पर हुए हमले की निंदा करते हैं। हम दोनों पक्षों द्वारा विवेक और एकतरफ कार्रवाई से बचने का आह्वान करते हैं।' यही नहीं, पाकिस्तान ने भारतीय एयरबेस और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के लिए तुर्किये निर्मित सोंगर ड्रोन का इस्तेमाल किया।
अजरबैजान ने पाकिस्तान के साथ जाहिर की एकजुटता
भारत के इस ऑपरेशन पर चिंता जताते हुए अजरबैजान ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों को मारने और उन्हें घायल करने वाले भारतीय सैन्य कार्रवाई की वह निंदा करता है। अजरबैजान ने कहा कि वह पाकिस्तान के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करता है। इस देश ने आगे कहा कि वह चाहता है कि दोनों पक्ष संयम दिखाएं और विवाद का हल कूटनीतिक बातचीत के जरिए निकालें।
बड़ी संख्या में तुर्किये-अजरबैजान जाते हैं भारतीय
तुर्किये का कुछ हिस्सा यूरोप में पड़ता है। यह देश काफी खूबसूरत है। भारत से बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और शादियां करने जाते हैं। पिछले साल यानी 2024 में कुल 3.3 लाख भारतीय यहां गए थे। 2023 की तुलना में यह संख्या 20 प्रतिशत अधिक थी। तुर्किये के अलावा अजरबैजान भी भारतीयों की एक बड़ी पसंद के रूप में उभरा है। साल 2024 में करीब ढाई लाख भारतीयों ने इस देश की यात्रा थी। 2023 में यह संख्या करीब 117,302 थी।
