कोलकाता: पिछले साल के विधानसभआ चुनावों के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में अपने कक्ष में प्रतिपक्ष नेता और बीजेपी से सीनियर लीडर शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के साथ एक 'शिष्टाचार मुलाकात' की। जिससे राजनीतिक हलकों में भौंहें तन गईं। बाद में सदन में 'संविधान दिवस' पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था उन्हें भाई की तरह मानती थीं। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस और माकपा ने टीएमसी सुप्रीमो पर निशाना साधा। कहा कि दीदी-मोदी में पैच-अप की प्रक्रिया चल रही है।
ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी में चाय पर हुई मुलाकात
'शिष्टाचार मुलाकात' पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता कमुरजान चौधरी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कि 'दीदी-मोदी पैच-अप' की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने कल प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना के लिए धन जारी किया और ममता 5 दिसंबर को पीएम मोदी से मिलने वाली हैं। आज सीएम ने सुवेंदु से मुलाकात की। ये सभी इस तथ्य की ओर इशारा करते हैं कि दीदी-मोदी पैच-अप की प्रक्रिया चल रही है। माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने भी इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए कहा कि आज की बैठक से यह साफ हो गया कि तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सहमति बन गई है।
शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच 2020 के अंत से ही अनबन चल रही थी। जब उन्होंने टीएमसी से बीजेपी का रुख किया था और विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम में टीएमसी सुप्रीमो को हराया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अधिकारी ने शिकायत की कि उनका नाम विधानसभा में 'संविधान दिवस' कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया गया था। बीजेपी नेता ने यह भी कहा था कि वह कार्यक्रम का 'बहिष्कार' करेंगे।
नंदीग्राम के विधायक को दोपहर में विधानसभा सत्र के अवकाश के तुरंत बाद बीजेपी नेताओं मनोज तिग्गा और अग्निमित्र पॉल के साथ बनर्जी के कक्ष में प्रवेश करते देखा गया। बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने शुभेंदु को चाय के लिए बुलाया। शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी। इसमें और कुछ कयास नहीं लगाया जाना चाहिए। मैंने चाय नहीं पी।
