Maharashtra Local Body Election: भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर शनिवार को निशाना साधा और उन्हें “आत्मावलोकन” करने की सलाह दी। पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका में पहले भाजपा का शासन था।
उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख अजित पवार (फोटो साभार: @AjitPawarSpeaks)
पवार पर बरसे चव्हाण
चव्हाण ने कहा कि ये आरोप 15 जनवरी को होने वाले निकाय चुनावों से पहले एक झूठा विमर्श गढ़ने के कुछ एजेंसियों के प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा आरोप लगाना शुरू कर देगी, तो इससे पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। चव्हाण ने राकांपा प्रमुख को आरोप लगाने से पहले “आत्मावलोकन” करने की सलाह दी। पवार के नेतृत्व वाली राकांपा महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है।
चव्हाण हाल ही में पवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका पिछले नौ वर्षों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और इस अवधि में वह भारी कर्ज में भी डूब गई है। पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका पर 2017 से 2022 तक भाजपा का शासन रहा, जिसके बाद इसकी कमान राज्य की ओर से नियुक्त प्रशासक के हाथों में है।
चव्हाण ने पुणे में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “अजित पवार ने आगामी चुनावों के मद्देनजर यह बयान दिया है। आरोप लगाने से पहले पवार को आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस पार्टी की बात कर रहे हैं। क्या यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए है?”
उन्होंने कहा, “अगर हम आरोप लगाना शुरू कर देंगे, तो पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।” चव्हाण ने कल्याण-डोंबिवली और राज्य के अन्य हिस्सों में मतदान से पहले ही भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों की अनुपस्थिति को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा-शिवसेना मिलकर लड़ रहे चुनाव
उन्होंने कहा, “कल्याण-डोंबिवली में भाजपा और शिवसेना (अविभाजित) कई वर्षों तक एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती आई थीं। हालांकि, भाजपा और शिवसेना (उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली) में गठबंधन के बाद, अब मैदान में कोई विपक्षी दल नहीं बचा है।” चव्हाण ने दावा किया कि चुनावों के दौरान फर्जी विमर्श गढ़ने के लिए कुछ एजेंसियों को तैनात किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “अजित दादा एक अच्छे नेता हैं। वह केंद्र और महाराष्ट्र में हमारे साथ जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस चुनाव में उनके पैर फिसल रहे हैं। मैं पता लगाऊंगा कि यह आरोप लगाने के लिए किस एजेंसी ने उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई थी।” पवार पर तीखा कटाक्ष करते हुए चव्हाण ने कहा कि राकांपा प्रमुख चुनाव के बाद मुस्कुराते हुए लौटेंगे और कहेंगे कि उनके बयान प्रचार अभियान का हिस्सा थे।
पवार ने क्या कुछ कहा था
पवार ने महानगरपालिका चुनावों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने का समर्थन शुक्रवार को किया था। राकांपा प्रमुख ने कहा था कि वह खुद 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे हैं और जब तक अपराध साबित न हो जाए, तब तक कोई भी अपराधी नहीं होता। पवार ने पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा था कि लुटेरों के गिरोह पनप गए हैं और अब समय आ गया है कि पीसीएमसी में भ्रष्टाचार के इस राक्षस को जलाकर राख कर दिया जाए।
