मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। भाजपा हुए पूरे दतिया जिला संगठन को भंग कर दिया है। इनमें जिला कार्यकारिणी, सभी मंडल, मोर्चे, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागीय इकाइयां भी शामिल हैं। भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत पूरी जिला कार्यकारिणी को पदमुक्त कर दिया है। इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उपचुनाव में मिली हार की जांच करने के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
सीएम मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जामवाल के साथ नरोत्तम मिश्रा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दतिया में संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा और जल्द ही नई टीम का गठन होगा। माना जा रहा है कि यह कदम उपचुनाव में मिली हार की समीक्षा और संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बनाई थी जांच समिति
इससे पहले भाजपा ने हार की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। प्रदेश महामंत्री गौरव रांदिवे और वरिष्ठ नेता अंबराम कराड़ा को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति को चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों और नेताओं से चर्चा कर हार के कारणों की जांच कर रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी बीच जिला संगठन को भंग करने के फैसले को पार्टी की जवाबदेही तय करने और संगठन में व्यापक बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि उपचुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा था कि समीक्षा प्रक्रिया में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद लिया गया। पार्टी उम्मीदवार द्वारा चुनाव में अंदरूनी साजिश (सैबोटाज) के आरोप लगाए जाने के बीच यह कदम उठाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री आवास पर हुई समीक्षा बैठक में आशुतोष तिवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ काम किया। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी पार्टी नेतृत्व को सौंपी हैं। बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, धर्मेंद्र लोधी, तुलसी सिलावट, नरेंद्र शिवाजी पटेल, दिलीप जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपचुनाव प्रभारी भारत कुशवाह समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
कैसे रहा चुनाव परिणाम
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराकर सीट बरकरार रखी। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए। आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव 22,527 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद हुआ था भारी सियासी बवाल
इस उपचुनाव में BJP ने छह बार के विधायक और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट कटने के बाद मिश्रा समर्थकों में नाराजगी खुलकर सामने आई थी। जुलाई में उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया, पुलिस से झड़प हुई और राष्ट्रीय राजमार्ग तक जाम कर दिया था। हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मंच साझा कर कार्यकर्ताओं से आशुतोष तिवारी के समर्थन में काम करने की अपील की थी।
