बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने कहा कि शराबबंदी खराब नहीं है, मगर उसे लागू करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी है, फिर चाहे वह गुजरात हो या बिहार, बड़े शराब तस्कर बच जा रहे वहीं गरीब गुरबा लोग पकड़े जा रहे हैं, उन्होंने कहा है कि थोड़ी शराब पीने वालों जैस शराब का क्वार्टर पीने वालों पर ध्यान ना दिया जाए।
बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी राज्य में जारी शराब बंदी को लेकर सुझाव दिया
ब्रेथ एनेलाइजर मशीन कभी गलत भी बताती है
उन्होंने राज्य में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की उनका कहना है कि पुलिस ब्रेथ एनेलाइजर से लोगों की चेकिंग करती है ये मशीन कभी गलत भी बताती है इसलिए इस प्रक्रिया को भी देखा जाए।
'जो सवा सौ ग्राम या ढाई सौ ग्राम पीते हैं, उनको नहीं पकड़ना चाहिए'
मांझी ने आगे कहा कि जेलों में करीब 70 फीसदी ऐसे लोग बंद हैं, जो आधा लीटर या ढाई सौ ग्राम शराब पीते हुए पकड़े गए हैं, यह अन्याय है... ऐसा नहीं होना चाहिए.... जो सवा सौ ग्राम या ढाई सौ ग्राम पीते हैं, उनको नहीं पकड़ना चाहिए।
'सभी लोगों को आंबेडकर के विचार को अपनाना चाहिए'
गौर हो कि हाल ही में जीतनराम मांझी ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि ब्राह्मण जो पूजा-पाठ कराते हैं, वे मांस-मदिरा का सेवन करते हैं। हमलोग आंबेडकरवादी हैं उनके विचार को अपनाकर भी समाज का कल्याण होगा इसलिए सभी लोगों को आंबेडकर के विचार को अपनाना चाहिए।
