Bihar Bridge Collapse: बिहार में अगुवानी-सुल्तानगंज ब्रिज के गिरने के मामले में नीतीश सरकार की ओर से बड़ा दावा किया गया है। यह पुल एक बार नहीं दो बार गिरा है। पहली बार इस पुल के गिरने के लिए हवा को दोषी ठहराया गया था, उसके बाद आज यानि कि रविवार को यह पुल गिरा है। इस पुल के गिरने के बाद जहां भाजपा, नीतीश सरकार पर हमलावर हो गई है, वहीं सरकार की ओर से इस मामले पर जो कहा गया है, वो एक अलग ही कहानी बयां कर रहा है।
बिहार में ्क्यों गिरा पुल, तेजस्वी यादव ने बता दिया
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सरकार का दावा
पुल के गिरने के बाद सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री नीतीश कुमार तेजस्वी यादव सामने आए और उन्होंने एक बड़ा दावा कर दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को यह अंदेशा था कि पुल के डिजाइन में कोई गड़बड़ी है, इसलिए पुल की जांच चल रही थी, कई सेगमेंट को पहले ही तोड़ा जा चुका है। इस पुल का निर्माण फिर से होगा। सरकार इस मामले में पुल बनाने वाली कंपनी से ही पैस वसूल करेगी।
क्या कहा तेजस्वी यादव ने
इस पुल के गिरने के बाद तेजस्वी यादव मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा-"इससे पहले जब यह पुल का हिस्सा गिरा था तब हम विपक्ष में थे और हमने इस पर सवाल उठाए थे, जब पहली बार घटना हुई थी जो सेगमेंट टूटा था, तब हम आशंका मे थे कि सारे सेगमेंट की जांच करा लें, फिर कदम उठाएं। सारे संस्थान को हमने एप्रोच किया और आईआईटी रुड़की से इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट के बाद हमने कई सेंगमेंट को तोड़ा, इस हिस्से को भी भविष्य में तोड़ा जाता, जांच जारी ही है। हमने कई सेंगमेंट ध्वसत किए क्योंकि इसके डिजाइन मे फाल्ट है और हमारा निर्णय था कि इसे पूरा तोडकर बनाए जाए क्योंकि रिस्क नहीं लेना है।"
जांच के आदेश
पुल के गिरने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार के कार्यालय से एक प्रेस विज्ञपति जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि सीएम नीतीश ने इस मामले के दोषियों को पता लगातार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पहले भी गिरा था पुल
अगुवानी-सुल्तानगंज ब्रिज 1710 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इस पुल का एक हिस्सा पहले भी गिर चुका है। अप्रैल 2022 में इस पुल के कम से कम 100 फीट हिस्सा गिर गया था। तब आंधी को इसका कारण बताया गया था।
