MUDA land scam case : मुडा केस में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को बड़ी राहत मिली है। इस केस की जांच CBI को सौंपे जाने की मांग करने वाली याचिका को कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच लोकायुक्त पुलिस कर रही है और ट्रायल के दौरान इस दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती कि लोकायुक्त पुलिस की जांच पक्षपातपूर्ण है। हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि लोकायुक्त पुलिस की जांच पर संदेह नहीं किया जा सकता और इसलिए इसे केस को सीबीआई के पास भेजने की जरूरत नहीं है।
कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया।
14 भूखंडों के आवंटन के सिलसिले में अनियमितताओं का आरोप
कोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा उनकी पत्नी पार्वती बी एम को किये गये 14 भूखंडों के आवंटन के सिलसिले में अनियमितताओं के आरोप हैं।
इसके अलावा उच्च न्यायालय भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा की याचिका पर भी अपना फैसला सुनाने वाला है, जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले को रद्द करने का अनुरोध किया है। येदियुरप्पा पर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के साथ-साथ बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
सात फरवरी के लिए को सूचीबद्ध किया
यह मामला पिछले साल 14 मार्च को 17 वर्षीय एक लड़की की मां की शिकायत पर दर्ज किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि येदियुरप्पा ने दो फरवरी को यहां डॉलर्स कॉलोनी में अपने आवास पर एक भेंट के दौरान उसकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया था। न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने पहले इन दोनों मामलों में आदेश सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने आदेश सुनाने के लिए याचिकाओं को सात फरवरी को सूचीबद्ध किया।
