ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पिछले दो दिनों से जारी ऐप बेस्ड कैब और बाइक राइड सेवाओं से जुड़े चालकों की हड़ताल बुधवार को हिंसक हो गई। आज प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों के साथ सरकारी ‘अमा बसों’ में तोड़फोड़ की। हिंसा में 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस ने करीब 80 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
ओडिशा में ऐप बेस्ड कैब चालकों की हड़ता। (फोटो- pti)
बता दें कि ऐप कैब और बाइक राइड सेवाओं से जुड़े चालक अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर 17 अगस्त से काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में किराया बढ़ाना, ऐप्लिकेशन फीस कम करना, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
रैली के बाद सड़क जाम, फिर भड़की हिंसा
बुधवार को ये प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राजमहल चौक से रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग को जाम कर दिया। जहां सड़क बंद होने से मास्टर कैंटीन चौक और रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। इसके बाद जब पुलिसवालों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के लिए समझाने का प्रयास किया तो स्थिति बिगड़ गई। आरोप है कि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने तीन पुलिस वैन और कई सरकारी ‘अमा बसों’ को भी नुकसान पहुंचाया।
थाने के प्रभारी समेत 13 पुलिसकर्मी घायल
कटक-भुवनेश्वर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोळ ने बताया कि हिंसा में कैपिटल पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक समेत कम से कम 13 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।वहीं, भुवनेश्वर के DCP जगमोहन मीणा ने बताया कि करीब 80 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शन स्थल पर खड़े वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है।
‘प्रदर्शन की अनुमति थी, लेकिन आंदोलन जारी रहा’
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को 17 अगस्त को महात्मा गांधी मार्ग पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी आंदोलन जारी रहा और बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सड़क को जाम कर दिया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। DCP ने आंदोलन को ‘तर्कहीन’ बताते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों का विवाद निजी कंपनियों से है और इसमें सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है।
सरकार ने क्या कहा?
ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने कहा कि सरकार ऑनलाइन कैब और बाइक राइड ऑपरेटरों के लिए रेट चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है। वहीं, आवास एवं शहरी विकास मंत्री के. सी. महापात्रा ने कहा कि ओडिशा यात्री ऐप को और बेहतर बनाने की योजना है, ताकि ड्राइवरों को राइड से अधिकतम फायदा मिल सके।
दस्तावेज नहीं तो रजिस्ट्रेशन भी हो सकता है रद्द
परिवहन विभाग ने प्रदर्शन स्थल से जब्त किए गए वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वहीं, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त संग्राम पटनायक ने कहा कि जब्त वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिन वाहनों के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द किया जा सकता है।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में ऐप कैब, बाइक और ऑटो-रिक्शा सड़कों से नदारद रहे। इन सेवाओं पर निर्भर यात्रियों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि अब स्थिति सामान्य है और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। लोअर PMG इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और गुरुवार को भी वहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
