दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में आज हलचल तेज है। पंजाब की राजनीति में आए हालिया भूचाल के बाद आज राष्ट्रपति भवन में मुलाकातों का दौर चल रहा है। एक तरफ जहां राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर भाजपा पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बागी सांसदों के दल-बदल को लेकर राष्ट्रपति के दरबार में पहुंचे।
राघव चड्ढा और भगवंत मान राष्ट्रपति से करेंगे अलग-अलग मुलाकात
राघव चड्ढा ने लगाया 'राजनीतिक प्रतिशोध' का आरोप
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सुबह 10:40 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे। उनके साथ सांसद संदीप पाठक, राजेंदर गुप्ता और अशोक मित्तल भी हैं। चड्ढा का मुख्य उद्देश्य उन सांसदों को निशाना बनाने के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और 'राजनीतिक प्रतिशोध' के मुद्दे को उठाना है, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।
राष्ट्रपति से मिले सीएम मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी आज दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने का समय दिया गया था। दिल्ली रवाना होते समय सीएम मान ने स्पष्ट किया कि केवल उन्हें ही मिलने का समय मिला है, जबकि उन्होंने पहले विधायकों के साथ मिलने का वक्त मांगा था। मान ने कहा, "राष्ट्रपति संविधान की संरक्षक हैं और वह देश की संवैधानिक प्रमुख हैं।"
बागी सांसदों को लेकर रखी बात
आम आदमी पार्टी के विधायकों का आरोप है कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अन्य सांसदों ने पंजाब के हितों के साथ धोखा किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की और आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने के बाद पैदा हुई स्थिति पर चर्चा की। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक राष्ट्रपति भवन के पास रेल भवन में एकत्रित हुए और उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति पार्टी को न्याय दिलाएंगी।पार्टी नेताओं के अनुसार, बैठक के दौरान मान और राष्ट्रपति ने पंजाब से आम आदमी पार्टी से छह सांसदों के दल-बदल पर ध्यान केंद्रित किया।
मान ने मुर्मू से मुलाकात से पहले ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा "पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी है। आज, मैं आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों के साथ पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने और राष्ट्रपति के समक्ष राज्य की सशक्त आवाज उठाने के लिए रवाना हुआ हूं।"
