Navjot Singh Sidhu : पंजाब की पटियाला जेल में सजा काट रहे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश जारी किया। दरअसल, प्रताड़ना के एक मामले में सिद्धू को 21 अक्टूबर को लुधियाना की अदालत में पेश होना है। कांग्रेस नेता ने अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करनी की अपील तीन बार की थी लेकिन कोर्ट ने इसकी इजाजत नहीं दी और उन्हें 21 अक्टूबर को अपने समक्ष पेश होने के लिए कहा।
पटियाला की जेल में बंद हैं कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू।
सुरक्षा को लेकर जेल अधीक्षक को पत्र लिखा था
कोर्ट की ओर से अर्जी खारिज हो जाने के बाद सिद्धू ने पटियाला जेल के अधीक्षक को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने बताया कि जब वह जेल आए तो उनकी जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली गई। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने गवाही देने से कभी इंकार नहीं किया और न ही उन्हें अदालत में पेश होने से कोई दिक्कत है। इसके बाद सीएम मान ने अपने निर्देश में कहा कि लुधियाना कोर्ट में सिद्धू को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
शुक्रवार को गवाही देने कोर्ट आएंगे सिद्धू
सीएम मान ने कहा, 'नवजोत सिंह सिद्धू शुक्रवार को लुधियाना कोर्ट में एक गवाह के रूप में पेश होंगे। अदालत में उन्हें सभी संभव सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।' बता दें कि 1988 के एक रोडरेज मामले में सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट से एक साल की सजा हुई है। पंजाब विस चुनाव के नतीजे आने के कुछ दिनों बाद सिद्धू को जेल भेजा गया। उन्हें बर्खास्त पुलिस उपायुक्त बलविंदर सिंह सेखों द्वारा पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ दायर एक मामले में लुधियाना की एक अदालत ने 21 अक्टूबर को बतौर गवाह पेश होने के लिए कहा है।
कांग्रेस नेता को गवाह के रूप में बुलाने की मांग
शेखों का आरोप है कि जब वह पूर्व मंत्री आशु के खिलाफ जांच कर रहे थे तो तत्कालीन खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सिद्धू ने उन्हें कथित रूप से धमकाया था। बर्खास्त पुलिस उपायुक्त ने कोर्ट से इस मामले में सिद्धू को गवाह के रूप में बुलाने की मांग की है। यह मामला 2019 का है और उस समय सिद्धू कैप्टन अमरिंदर सरकार में मंत्री थे। यह मामला लैंड यूज के बदलाव से जुड़ा है।
