Bihar Bridge Collapse: बिहार में पुल गिरने के बाद गुस्से में लोग, बोले-ब्रिज कभी बन पाएगा, नहीं पता

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 5, 2023, 10:20 AM IST

Bihar Bridge Collapse: पुल गिरने की घटना का साक्षी रहे राकेश कुमार ने कहा कि शुरू में ऐसा लगा कि कोई विस्फोट हुआ है। बाद में हमें पता चला कि पुल गिर गया है। यह सरकार की भ्रष्टाचार को बताता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। यह भ्रष्ट सरकार है। इसकी जांच होनी चाहिए।

Bihar Bridge Collapse: भागलपुर को खगड़िया जिले से जोड़ने वाले अगुवानी-सुल्तानगंज पुल के गिरने के बाद सियासत गरमा गई है। महागठबंधन की सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निशाने पर हैं। जबकि राज्य सरकार बचाव में आ गई है। पुल के गिरने के बाद भागलपुर के लोग भी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने पूछा कि पुल के गिरने के बाद क्या सीएम नीतीश कुमार एवं डिप्टी सीएम अपने पदों से इस्तीफा देंगे? मालवीय ने कहा कि गंगा नदी पर सुल्तानगंज एवं खगड़िया के बीच बन रहे इस पुल का उद्घाटन साल 2020 में होना था।

मालवीय ने पूछा-क्या इस्तीफा देंगे नीतीश-तेजस्वी

मालवीय ने ट्विटर पर पूछा, 'इस घटना का संज्ञान लेते हुए क्या नीतीश कुमार एवं तेजस्वी यादव तत्काल अपने पदों से इस्तीफा देंगे।' भाजपा नेता के इस हमले का जवाब देने में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने देरी नहीं की। राजद ने दावा किया कि साल 2017 से 2022 तक भाजपा नेता नंद किशोर, मंगल पांडे एवं नितिन नवीन मंत्री थे। राजद ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुल के निर्माण में खामी बरती गई। राजद ने कहा कि 30 अप्रैल, 2022 को आई आंधी में भी पुल का एक हिस्सा गिरा था। इस दौरान भाजपा के नितिन नवीन मंत्री थे।

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