Bengaluru News: हाल ही में बेंगलुरु में एक छात्रा की नीट (NEET) परीक्षा छूटने का मामला काफी गरमाया हुआ था, जिस पर अब बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने अपनी 'तथ्यान्वेषी जांच' (Fact-Finding Investigation) के बाद बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा के परीक्षा से वंचित रहने की मुख्य वजह शहर का ट्रैफिक जाम नहीं, बल्कि उसका घर से देरी से निकलना और परीक्षा केंद्र के लिए लंबा रास्ता चुनना था।
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस का खुलासा (फाइल फोटो)
दरअसल, 21 जून को आयोजित हुई नीट परीक्षा के दौरान बेंगलुरु में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की एक विशाल रैली भी थी। भाजपा ने जो कि यहां पर विपक्ष में है ने आरोप लगाया था कि इस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम की वजह से छात्र परीक्षा केंद्रों पर समय से नहीं पहुंच पाए और उनकी परीक्षा छूट गई। इस राजनीतिक विवाद के बाद ट्रैफिक पुलिस (Bengaluru Police) ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
सीसीटीवी और रूट एनालिसिस से सच आया सामने
ट्रैफिक पुलिस ने आर.टी. नगर इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, रूट का बारीकी से विश्लेषण किया और छात्रा व उसके परिजनों से भी बातचीत की। जांच में सामने आया कि उस दिन दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्र का गेट बंद होना था। इसके बावजूद छात्रा दोपहर 12:57 बजे (यानी गेट बंद होने से महज 33 मिनट पहले) अपने घर से निकली थी।
पुलिस के अनुसार, छात्रा दोपहर 1:33 बजे परीक्षा केंद्र के पास पहुंची, जो कि तय समय सीमा से 3 मिनट ज्यादा था। इसके अलावा, रूट एनालिसिस से पता चला कि छात्रा ने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए उपलब्ध छोटे रास्ते के बजाय एक लंबा मार्ग चुना था, जिससे उसका समय और ज्यादा बर्बाद हुआ।
पुलिस ने भी की थी मदद
पुलिस ने स्पष्ट किया कि उस दिन शहर में यातायात की स्थिति पूरी तरह सामान्य थी और किसी रैली या कार्यक्रम की वजह से कोई बड़ा जाम नहीं लगा था। यहाँ तक कि रास्ते में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने छात्रा की गाड़ी को रास्ता देने में मदद भी की थी। राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा नियमों के तहत ही गेट बंद किए गए थे और छात्रों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन पहले ही जारी की जा चुकी थी।
