West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल का चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे नेताओं के जुबानी हमले तेज होते जा रहे हैं। गुरुवार को बर्धमान के पांडबेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच मुकाबले को महाभारत जैसा युद्ध बताया। टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा और निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान विपक्ष के गढ़ों में मतदाताओं को निशाना बनाया।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी।
पूरक मतदाता सूचियों को तुरंत प्रकाशित करने की मांग
ममता ने सभी पूरक मतदाता सूचियों को तुरंत प्रकाशित करने की मांग की और जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता देने का वादा किया। उन्होंने पश्चिम बर्धमान के पांडबेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'यह लड़ाई पांडवों और कौरवों के बीच के युद्ध जैसी है। भाजपा कौरवों की तरफ है और टीएमसी पांडवों की तरफ है।' पार्टी उम्मीदवार नरेन्द्र नाथ चक्रवर्ती के लिए प्रचार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि "तार्किक विसंगतियों" के नाम पर मतदाता सूची में लोगों के नाम जोड़े या हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "बाकी सूचियां को तुरंत प्रकाशित किया जाए।"
...तो इसका श्रेय उनकी पार्टी को मिलेगा
ममता ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि अगर विचाराधीन 60 लाख से अधिक लोगों के नामों में से लगभग 30 लाख नाम मतदाता सूची में शामिल हो जाते हैं तो इसका श्रेय उनकी पार्टी को मिलेगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने बीरभूम जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस उन सभी लोगों के लिए कानूनी उपाय सुनिश्चित करेगी जिनके नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'अगर विचाराधीन 60 लाख से अधिक नामों में से 29 से 30 लाख नाम मतदाता सूची में शामिल हो जाते हैं तो यह हमारी उपलब्धि है। हमारे अभियान और संघर्ष के कारण ही ये नाम सूची में आ पाए हैं, लेकिन मैं चाहती हूं कि सूची में 100 प्रतिशत नाम हों क्योंकि वे सभी वास्तविक मतदाता हैं।’
SIR के जरिए लोगों को परेशान करने का आरोप
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को 'विचाराधीन’ मतदाताओं की पहली पूरक सूची जारी की, लेकिन उस सूची में हटाए गए नामों की संख्या या निपटाए गए मामलों की सटीक संख्या का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया। रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के वकील उन लोगों की मदद करेंगे जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, ताकि वे इस उद्देश्य से गठित न्यायाधिकरणों के समक्ष अपना पक्ष रख सकें। उन्होंने भाजपा पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया।
मैं अकेले काफी मजबूत हूं-ममता
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के दौरान, आधार कार्ड बनवाने और एसआईआर प्रक्रिया के लिए भी लोगों को कतारों में खड़ा होना पड़ा था। बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया, 'बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करवाने के लिए राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शुरू की गई थी।’ बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और राज्य के डीजीपी सहित सभी शीर्ष अधिकारियों को बदल दिया है। उन्होंने कहा, 'मैं सब कुछ याद रखूंगी।’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, 'अगर राष्ट्रपति शासन लागू भी हो जाता, तो याद रखिए कि मैं अकेले ही काफी मजबूत हूं क्योंकि मुझे जनता का समर्थन प्राप्त है।’
(एजेंसी इनपुट)
