महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश मामले का ग्वालियर से जुड़ाव सामने आया है। इस चार्टर प्लेन में जहां महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सवार थे, वहीं इस प्लेन को ग्वालियर की बेटी शांभवी पाठक उड़ा रहीं थीं। शांभवी के माता, पिता रौली और विक्रम पाठक वर्तमान में दिल्ली में निवासरत हैं। विक्रम पाठक इंडियन एयर फॉर्स में थे और उनके एक बेटा और बेटी हैं। उन्हीं में बेटी शांभवी थी।
विमान उड़ा रही थी ग्वालियर की बेटी शांभवी पाठक (फाइल फोटो)
फिलहाल ग्वालियर में शांभवी की दादी रहती हैं और शांभवी की प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर में ही हुई है। शांभवी इंजीनियर बनना चाहती थी और इंजीनियरिंग में सिलेक्शन होने के बाद उसका मन नहीं लगा तो वो पायलट बन गई। शांभवी की दादी मीरा पाठक का कहना है कि उसने सुबह 6 बजकर 40 मिनिट पर गुड मॉर्निंग का आखिरी मैसेज किया था।
पायलट शाम्भवी पाठक की दादी मीरा पाठक ने कहा- 'मुझे इस घटना के बारे में सुबह करीब 11 बजे पता चला... मैं उनसे 12 अक्टूबर को मिली थी। वह क्लास 4-5 तक हमारे साथ रही। उसके बाद वह दिल्ली चली गई। शाम्भवी के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। उसका एक छोटा भाई है...'
शांभवी की दर्दनाक मौत के बाद दादी मीरा का रो रोकर बुरा हाल
मीरा पाठक के दो बेटे हैं विक्रम और विवेक। विवेक ने कॉल करके अपनी मां मीरा को भतीजी शांभवी के दुखद निधन की पहली सूचना दी थी। शांभवी की दर्दनाक मौत के बाद दादी मीरा का रो रोकर बुरा हाल है और वसंत विहार में उनके निवास पर शोक व्यक्त करने आने वालों का तांता लगा है।
'शांभवी अधिकांश वीआईपी लोगों के साथ रहती थी'
दादी मीरा का कहना है कि शांभवी अधिकांश वीआईपी लोगों के साथ रहती थी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बेहद प्रभावित थी। शांभवी के रिश्तेदार अजय तिवारी ने बताया है कि बहुत होनहार और मिलनसार थी। उसके असमय निधन से वे बहुत दुखी हैं।
पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक उड़ा रहे थे प्लेन
बता दें कि जिस प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हुआ है, उसे पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक उड़ा रहे थे। इस दुर्घटना में इन दोनों की भी मृत्यु हो गई।
