कौन था बख्तियार? आखिर क्या है बख्तियारपुर के नाम पर विवाद, जानें कैसे पड़ा ये नाम

बिहार के बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। मंत्री संतोष सुमन ने इसे ‘नीतीशपुर’ करने का प्रस्ताव दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर कौन था बख्तियार, किसके नाम पर पड़ा इस शहर का नाम।

Bakhtiyarpur History: बिहार के पटना जिले का बख्तियारपुर एक बार फिर नाम बदलने की मांग को लेकर चर्चा में है। बिहार सरकार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने इस शहर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस बारे में अपील भी की है। लेकिन आखिर बख्तियारपुर का नाम कैसे पड़ा और बख्तियार खिलजी कौन था, आइए जानते हैं कि इस शहर का इतिहास क्या है।

Bakhtiyarpur name

बख्तियार खिलजी कौन था, क्या है बख्तियारपुर नाम का इतिहास? (सांकेतिक फोटो)

कौन था बख्तियार खिलजी?

बख्तियारपुर के नाम के पीछे का इतिहास 12वीं शताब्दी के अंत और 13वीं शताब्दी की शुरुआत से जुड़ा है। माना जाता है कि इस शहर का नाम विदेशी आक्रांता बख्तियार खिलजी के नाम पर है। वह 12वीं सदी के अंत और 13वीं सदी की शुरुआत का एक तुर्क-अफगान सैन्य कमांडर था। जिसका पूरा नाम इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी था। वह दिल्ली सल्तनत के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक का सेनापति था। इतिहास के पन्नों में वह अपने क्रूर सैन्य अभियानों के लिए कुख्यात रहा है। उसने पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार और बंगाल में कई हमले किए थे। बख्तियार खिलजी ने ही प्राचीन और विश्वप्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला और ओदन्तपुरी विश्वविद्यालयों पर हमला कर उन्हें तबाह किया था।

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