श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक आज होगी। चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले की जांच के बीच बुलाई गई इस बैठक को ट्रस्ट के भविष्य और प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस बीच बैठक से ठीक पहले एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले यह बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के मठ मणिरामदास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा (File photo)
बैठक में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों ने चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले के सामने आने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि,ट्रस्ट ने अभी तक उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए हैं। ऐसे में आज होने वाली इस बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है।
महासचिव पद के लिए बजरंगलाल बागड़ा सबसे आगे
बताया जा रहा है कि महासचिव पद के लिए बजरंगलाल बागड़ा सबसे आगे हैं। कृष्णमोहन और नीरज दौनेरिया के नाम भी चर्चा में हैं। ट्रस्ट में एक नए सदस्य के रूप में VHP के इंद्रप्रस्थ क्षेत्र के संगठन मंत्री नीरज दौनेरिया को शामिल किए जाने पर भी विचार हो सकता है।
नई प्रशासनिक व्यवस्था पर भी हो सकता है फैसला
यदि दोनों इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में ट्रस्ट के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए नई जिम्मेदारियां तय करने, विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
SIT की शुरुआती रिपोर्ट पर होगी चर्चा
बैठक में कथित हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने रखी जा सकती है। एसआईटी प्रशासनिक स्तर पर जांच कर रही है,जबकि दूसरी ओर ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस भी समानांतर जांच में जुटी हुई है। दोनों एजेंसियां अब तक चंपत राय अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज कर चुकी हैं। हालांकि अभी तक ट्रस्ट के किसी पदाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
वित्तीय दस्तावेजों को मिल सकती है मंजूरी
बैठक में वर्ष 2025-26 के बिना ऑडिट वाले आय-व्यय विवरण, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों से बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
नृत्य गोपाल दास कर सकते हैं अध्यक्षता
ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास हाल ही में लखनऊ के मेदांता अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे हैं। उन्हें 29 जून को सांस लेने में तकलीफ और संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था,जबकि गत शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। ऐसे में संभावना है कि वह स्वयं बैठक की अध्यक्षता करेंगे।वहीं, वरिष्ठ न्यासी के. परासरन उम्र संबंधी कारणों से यात्रा करने में असमर्थ हैं और उनके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होने की संभावना है।
11 सदस्यीय ट्रस्ट के सामने कई अहम फैसलों की चुनौती
फिलहाल ट्रस्ट में 11 नियमित सदस्य हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे लंबित हैं,जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद एक पद पहले से रिक्त है। ट्रस्ट में अभी उपाध्यक्ष का पद भी खाली है,ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक पर इसलिए टिकी हैं निगाहें
राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद यह ट्रस्ट की पहली महत्वपूर्ण बैठक है। ऐसे में सिर्फ इस्तीफों पर फैसला ही नहीं, बल्कि जांच की दिशा, ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और भविष्य की कार्यप्रणाली को लेकर भी अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। यही वजह है कि अयोध्या से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
