Auction of PM Modi Gifts: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले तोहफों की नीलामी आज से यानी 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के लिए शुरू की जा रही है। यह नीलामी ऑनलाइन शुरू हो रही है और नीलामी का ये 5वां संस्करण है। इसके लिए pmmementos.gov.in वेबसाइट बनाई गई है। इसमें सबसे महंगे गिफ्ट की कीमत 65 लाख है जो बनारस घाट की एक पेंटिंग है जिसे परेश मैती ने बनाया है। सबसे सस्ती नीलामी 100 रुपए के गिफ्ट से शुरू होगी जो डिजिटल कालीघाट की प्रिंट है।
पीएम मोदी को मिले गिफ्ट की होगी नीलामी
नीलामी राशि नमामि गंगा में जाएगी
केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने बताया कि इस नीलामी से मिलने वाली राशि नमामि गंगा के लिए जाएगी। इस नीलामी का हिस्सा भारतीय नागरिक बन सकते हैं। लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले गिफ्ट खरीद सकते हैं और अपने घर का हिस्सा बना सकते है। इस बार करीब 912 कलाकृतियां वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यहां मॉडर्न आर्ट गैलरी मे 150 से ज्यादा कलाकृति मौजूद हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से शुरू है और अधिकतम 64 लाख 80 हजार रुपए तक है।
पिछले 4 संस्करणों मे करीब 7000 कलाकृतियां लोगों के घरों तक पहुंची है जिससे 33 करोड़ रुपये इकट्ठा हुए हैं। मीनाक्षी लेखी का कहना है कि इस बार 5वें संस्करण में करोड़ों रुपये इकट्ठे हो जाएंगे । पहला संस्करण जनवरी 2019 में हुआ था।
इस वेबसाइट पर उपलब्ध
मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों और स्मृति चिह्नों की शानदार श्रृंखला को प्रदर्शित करने वाले एक ई-कार्यक्रम की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस ई-नीलामी में हमारी समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाली कलाकृतियों का एक असाधारण संग्रह है। ई-नीलामी 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2023 तक https://pmmementos.gov.in पर लाइव रहेगी।
बता दें कि ई-नीलामी के लिए उपलब्ध स्मृति चिन्हों का विविध संग्रह पारंपरिक कला रूपों की एक ज्वलंत श्रृंखला को प्रदर्शित करता है, जो एक गतिशील स्पेक्ट्रम पेश करता है जिसमें पेंटिंग, जटिल मूर्तियां, स्वदेशी हस्तशिल्प और आकर्षक लोक और आदिवासी कलाकृतियां शामिल हैं। इन वस्तुओं में से कुछ को पारंपरिक रूप से सम्मान और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में प्रदान किया जाता है, जिनमें पारंपरिक अंगवस्त्रम, शॉल, टोपी और औपचारिक तलवारें शामिल हैं।
इस ई-नीलामी की उत्कृष्ट कलाकृतियों में मोढेरा सूर्य मंदिर और चित्तौड़गढ़ के विजय स्तंभ जैसे वास्तुशिल्प चमत्कारों की प्रतिकृतियां शामिल हैं। चंबा रुमाल, पट्टचित्र, ढोकरा कला, गोंड कला और मधुबनी कला जैसी उल्लेखनीय कलाकृतियां स्थायी और गहन सांस्कृतिक सार को प्रतिबिंबित करती हैं।
