Atiq Ahmad Family Members, Atiq Ahmad Sons, Wife Name: राजनेता से माफिया बने अतीक अहमद का अंत हो चुका है। कुछ ही घंटे पहले अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी (Atiq Ahmad Family) गई है। अतीक की हत्या से यह साफ हो गया है कि, पाप का घड़ा भरने के बाद हर किसी के लिए नरक ही नसीब होता है। बीते दिन अतीक के बेटे अशरफ की गोली मारकर हत्या की गई थी। आज दोपहर ही उसका बेटा सुपुर्द ए खाक हुआ था, वहीं शाम होते होते अतीक का भी अंत (Atiq Ahmad Family Members) हो गया।
Atiq Ahmad Family Members: अतीक के परिवार का पूरा चिट्ठा
बता दें अपने आप को बाहुबली कहने वाले अतीक ने 1979 में अपराध की काली दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद वह एक के बाद एक कत्ल करता गया और उत्तर प्रदेश पर राज करता रहा। उसके खिलाफ 100 से अधिक आपराधिक मामले (Atiq Ahmad Sons Name) दर्ज थे। इतना ही नहीं उसके परिवार पर करीब 160 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें उसकी पत्नी, बच्चे, भाई, बहन, बहनोई सब शामिल हैं।
24 फरवरी प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में अतीक के परिवार ने राजू पाल केस के मुख्य गवाह उमेश पाल पर बम और गोलियां (Atiq Ahmad Wife) बरसाई थी। ये केस धीरे धीरे अतीक अहमद के परिवार के विनाश का कारण बन गया और आज अतीक ने अपने साथ परिवार का भी अंत कर दिया है। एक बेटे असद और अशरफ के मौत के बाद पत्नी शाइस्ता पर भी तलवार लटकी नजर आ रही है।
पत्नी फरार बच्चे जेल में
अतीक की पत्नी साइस्ता और भाई अशरफ पर उमेश की हत्या की साजिश रचने का आरोप था। फिलहाल साइस्ता फरार चल रही है। पुलिस लगातार उसे ढूंढने की कोशिश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पति और देवर की हत्या के बाद जल्द ही वह भी गिरफ्त में आने वाली है। अतीक के परिवार में पत्नी साइस्ता परवीन के अलावा पांच बेटे मोहम्मद असद, मोहम्मद अहजम, उमर, मोहम्द अली और मोहम्मद आबान। पूरा परिवार अपराध की काले कीचड़ में लिप्त है। बीते दिन उसके बेटे असद को पुलिस नेन मुठभेड़ में मार गिराया था, वहीं अतीक का छोटा बेटा अली, अहमद रंगदारी के आरोप में नैनी जेल में बंद हैं। उमर अपहरण और मारपीट के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे है।
पिता चलाते थे तांगा
बता दें अतीक अहमद के पिता फिरोज अहमद तांगा चलाकर परिवार का गुजारा किया करते थे। अतीक ने पैसे के खातिर अपराध की दुनिया में कदम रखा था और देखते-देखते जुर्म का बादशाह बन गया और पूरे उत्तर प्रदेश में राज करने लगा। अपने गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए उसने राजनीति की तरफ रुख किया और सियासत को अपने कब्जे में लिया। विधायक बनते ही उसकी गुंडागर्दी चरम पर आ गई और वह खुद को सबसे बड़ा डॉन समझने लगा। लेकिन समय का पासा ऐसा पलटा कि, उसके साथ उसके पूरे खानदार का अंत हो गया।
बेटे का जनाजा भी नहीं हुआ नसीब
अतीक अहमद और शाइस्ता को बेटे का आखिरी बार मुंह देखना भी नसीब नहीं हुआ। बेटे के सुपुर्द ए खाक होने के बाद उसे भी मिट्टी में मिला दिया गया। असद की कब्र उसके दादा और दादी के कब्र के ठीक बगल में बनाया गया है।
