Times Now Summit 2025 : जो लोग इतिहास से सबक नहीं सीखते, वे अपनी मुसीबतों को न्योता खुद देते हैं। एक समय था जब हर महीने घपले-घोटाले सामने आते थे। देश की विकास दर 4 से पांच प्रतिशत हुआ करती थी। महंगाई दो डिजिट में थी। आपातकाल में लोगों के मौलिक अधिकार और आजादी को छीन लिया गया था। ये इतिहास के सबक हैं जिनसे आज की पीढ़ी को सीखना चाहिए। कोई भी देश जो अपने इतिहास से सबक नहीं लेता उसे आगे मुश्किलों-कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ये बातें केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में कहीं।
टाइम्स नाउ समिट 2025 में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल।
'राहुल गांधी का बोलना हमारे लिए संगीत की तरह है'
इस सवाल पर कि राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता। इस पर गोयल ने कहा कि 'सदन की कार्यवाही नियम एवं प्रक्रियाओं से चलती है। नेता प्रतिपक्ष के कुछ विशेष अधिकार हैं, हम इनका सम्मान करते हैं। लेकिन यदि किसी विषय या मुद्दे पर कार्यवाही चल रही है तो एलओपी उसे केवल इसलिए नहीं बाधित कर सकते कि उन्हें बोलना है। ऐसे में स्पीकर को फैसला करना पड़ता है। हमारे लिए तो राहुल गांधी का बोलना अच्छा है। वे जितना ज्यादा बोलते हैं, वह उतना ज्यादा हमारे लिए संगीत की तरह कर्णप्रिय होता है।'
उनके बोलने से देश को नुकसान होता है-गोयल
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'राहुल गांधी सदन के अंदर हास्यास्पद चीजें करते हैं, यह हम सभी ने देखा-सुना है। राहुल हमारे सबसे अच्छे कंपेनर हैं। वह जितना बोलें उनका स्वागत है। हम तो चाहते हैं कि सदन के अंदर, सदन के बाहर और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वह जाकर बोलें लेकिन दुर्भाग्य यह है कि इससे देश को बहुत नुकसान होता है।'
अमेरिकी टैरिफ पर बोले
पीयूष गोयल ने कहा ‘फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के संबंध में बातचीत जारी है और हम एक ऐसे नतीजे पर पहुंचेंगे जो भारत के साथ-साथ अमेरिका के लिए भी फायदेमंद साबित हो।’उन्होंने कहा कि चूंकि बातचीत चल रही है इसलिए वे ज्यादा खुलकर इस मुद्दे पर बोल नहीं सकते। उन्होंने कहा ‘2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमें अपनी GDP और इकॉनमी को लगभग 8 गुना बढ़ाना होगा हम अभी 4 ट्रिलियन के आस पास हैं और उम्मीद है कि 2047 तक हम 30 ट्रिलियन तक पहुंच जायेंगे।'
