IGMC Shimla Patient Assault Case: शिमला आईजीएमसी में मरीज से मारपीट का मामले में डॉक्टर के समर्थन में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन उतर आई है वो, गलती मानने को नहीं तैयार, उल्टा मरीज पर बदतमीजी के आरोप लगाए हैं साथ ही इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मरीज के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग। शिमला के आईजीएमसी में डॉक्टर द्वारा मरीज की पिटाई करने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।
शिमला में मरीज से मारपीट मामला (फोटो: Video Grab)
एक ओर जहां मरीज़ के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है तो वहीं दूसरी तरफ आईजीएमसी की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने डॉक्टर में समर्थन में आ गई है और उल्टा मरीज पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने अध्यक्ष सोहेल शर्मा ने कहा कि आरोपी डॉक्टर घटना के बाद से तनाव में है और उन पर लगे आरोप निराधार है। डॉक्टर ने मरीज से कोई बदसलूकी नहीं की बल्कि मरीज ने डॉक्टर से बद्तमीजी और मारपीट की है। मामले को एकतरफा ही दिखाया जा रहा है ऐसे में घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
वहीं दूसरी तरफ मरीज के परिजनों और चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मरीज के पिता ने कहा कि डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है लेकिन जिस तरह से IGMC में मेरे बेटे के साथ डॉक्टर ने हैवानियत की है उससे लगता है कि उसे वैसे ही संस्कार दिए गए होंगे। मरीज के पिता ने सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आरोपी डॉक्टर राघव नरूला डॉक्टर बनने के काबिल नहीं है सरकार उसे घर बैठाए ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसी वारदात न हो।
सरकार ने डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया
वहीं स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि मामले में सरकार ने डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है और आगामी जांच चल रही है। डॉक्टर का मरीज के साथ इस तरह का व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
