असम में भाजपा की हैट्रिक जीत के बीच बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भाजपा की जीत के बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा कल यानी बुधवार को इस्तीफा दे सकते हैं। वे कल राज्यपाल से मुलाकात करके उन्हें अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। उनके इस्तीफे के बाद ही राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
हिमंत बिस्व सरमा ने पत्रकारों से कहा कि चुनाव परिणाम आधिकारिक तौर पर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सौंपे जाने के बाद वह उनसे मुलाकात करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बुधवार सुबह आचार्य को अंतिम परिणाम सौंपने वाले हैं।
126 सीट में से 102 सीटें NDA की झोली में
राज्य विधानसभा की 126 सीट में से 102 सीट जीतकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा। भाजपा को 82 सीट पर जीत मिली, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 10-10 सीट पर जीत हासिल की।
असम में विधानसभा चुनाव से पहले हिमंत बिस्व सरमा को सत्ताधारी गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि परिणाम राज्यपाल को सौंपे जाने के बाद मैं उनसे मिलूंगा और अपना इस्तीफा दे दूंगा। इससे नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा।
बुलाई जाएगी भाजपा विधायकों की बैठक
इसके बाद विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए गए जे. पी. नड्डा और नायब सिंह सैनी के निर्देशों के अनुसार नव निर्वाचित भाजपा विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस विषय में नड्डा से बात करूंगा और उनके द्वारा तय की गई तारीख के अनुसार विधायकों को बुलाऊंगा। इसके साथ ही सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
शर्मा ने कहा कि नई विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद शायद न हो,क्योंकि विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के पास 19 विधायक हैं,जबकि उस पद को पाने के लिए किसी पार्टी के कम से कम 22 विधायकों की आवश्यकता होती है। ऐसे में संवैधानिक मानदंडों के अनुसार,विपक्ष का कोई नेता नहीं होगा। लेकिन सभी दलों के अपने-अपने विधायक दल के नेता होंगे।
