'जब तक मैं सीएम रहूंगा, 'मियां' समुदाय को परेशानी होती रहेगी’; हिमंत बिस्वा सरमा ने क्यों कही ये बात

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अगली जनगणना में ‘बांग्लादेशी मुसलमान’असम की आबादी का 40 प्रतिशत तक हो सकते हैं। उन्होंने 'मियां'समुदाय पर 'सत्रों'(वैष्णव शिक्षा केंद्रों)और जमीन पर अतिक्रमण करने के साथ ही ‘लव जिहाद’ और ‘फर्टिलाइजर जिहाद’ जैसे आरोप भी लगाए हैं।

असम के मुख्यमंत्री ने असम में रहने वाले अवैध बांग्लादेशियों को सख्त चेतावनी दी है। साथ ही कहा है कि उन्हें राज्य में काम करने की भी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि जब तक वह सत्ता में हैं, तब तक 'मियां' समुदाय को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी लगातार समस्याएं पैदा की जानी चाहिए, ताकि वे राज्य छोड़ दें। सीएम ने कहा कि 'मियां'उनके अनुसार अवैध बांग्लादेशी हैं।

Himanta Biswa Sarma

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा।

बांग्लादेश से आए लोग यहां कैसे काम कर सकते हैं?

एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि अगर मैं असम में रहूंगा तो उन्हें परेशानियां होंगी। वे यहां चैन से नहीं रह सकते। अगर हम उनके लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे, तभी वे यहां से जाएंगे। अपने एक पुराने बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कोई मियां रिक्शा चालक 5 रुपये किराया मांगता है तो उसे 4 रुपये ही देने चाहिए, का जिक्र करते हुए सरमा ने उस पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि असल में मैंने उनके फायदे के लिए ही बात कही थी। कानून के हिसाब से देखें तो वे यहां काम ही नहीं कर सकते। किसी देश का नागरिक अपने ही देश में काम कर सकता है। बांग्लादेश से आए लोग यहां कैसे काम कर सकते हैं? मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर वे मेरे उनके हित में बोलने को भी स्वीकार नहीं कर सकते,तो फिर मुझे उनके खिलाफ ही काम करना होगा।

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