'राष्ट्र किसी एक देवी-देवता का नहीं', ओवैसी ने ‘वंदे मातरम’ को 'राष्ट्रगान' के बराबर दर्जा देने पर जताई आपत्ति

Vande Mataram Controversy: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर दर्जा देने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह गीत धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है और इसे राष्ट्रगान के समान नहीं माना जा सकता।

Vande Mataram Controversy: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर आपत्ति जताई है, जिसमें ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण देने की बात कही गई है। ओवैसी का कहना है कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह एक देवी को समर्पित गीत है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत किसी एक धर्म या देवी-देवता के नाम पर नहीं चलता। उनके अनुसार, राष्ट्र सभी लोगों से मिलकर बनता है और संविधान भी इसी बात को महत्व देता है।

Asaduddin Owaisi

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संविधान की प्रस्तावना “हम भारत के लोग”

ओवैसी ने कहा कि ‘जन गण मन’ देश और उसके लोगों का सम्मान करता है, जबकि वंदे मातरम को धार्मिक दृष्टि से देखा जाता है। ओवैसी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि इसकी प्रस्तावना “हम भारत के लोग” शब्दों से शुरू होती है, न कि किसी देवी के नाम से। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान हर नागरिक को विचार, अभिव्यक्ति और पूजा की स्वतंत्रता देता है। उनका कहना था कि संविधान सभा में भी प्रस्तावना को किसी देवी या ईश्वर के नाम से शुरू करने के सुझाव दिए गए थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया।

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