'आप मंत्री हैं, कोई राजा नहीं', अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर तेज हुई औवैसी-रिजिजू में तेज हुई जुबानी जंग

एआईएमआईएम अध्यक्ष को जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘ठीक है... हमारे पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक भारत आना क्यों पसंद करते हैं और हमारे अल्पसंख्यक पलायन क्यों नहीं करते हैं? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की कल्याणकारी योजनाएं सभी के लिए हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की योजनाएं अल्पसंख्यकों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करती हैं।’

Owaisi Vs Rijiju : भारत में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए जारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर हैदराबाद के सांसद ने कहा कि 'भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत दूसरे दर्जे के नागरिकों से घटकर बंधक जैसी हो गई है।' अपने पोस्ट को रिजिजू को टैग करते हुए ओवैसी ने लिखा कि 'आप भारत गणराज्य के मंत्री हैं, कोई राजा नहीं। आप एक संवैधानिक पद पर हैं, किसी गद्दी पर नहीं बैठे हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकार उनके मौलिक अधिकार हैं, कोई खैरात नहीं।'

Asaduddin owaisi

अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर ओवैसी और रिजिजू के बीच हुई जुबानी जंग। तस्वीर-पीटीआई

ओवैसी ने पूछा-क्या मुसलमान हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड के सदस्य हो सकते हैं?

एआईएमआईएम प्रमुख ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर रिजिजू पर हमला बोला और पूछा कि क्या मुसलमान हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड के सदस्य हो सकते हैं? फिर खुद ही जवाब देते हुए कहा, 'नहीं। लेकिन आपका वक्फ संशोधन अधिनियम गैर-मुसलमानों को वक्फ बोर्ड में जबरन शामिल करता है और उन्हें बहुमत बनाने की अनुमति देता है।’ उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मौलाना आज़ाद नेशनल फ़ेलोशिप को ‘बंद’ कर दिया, 10वीं पूर्व की छात्रवृत्ति का वित्तपोषण ‘बंद’ कर दिया और 10वीं बाद की छात्रवृत्ति तथा प्रतिभा सह आर्थिक आधार से जुड़ी छात्रवृत्ति को सीमित कर दिया।’

End of Feed