24 फरवरी से 13 अप्रैल असद अहमद के एनकाउंटर तक, ऑपरेशन झांसी को ऐसे दिया गया अंजाम

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 14, 2023, 08:57 AM IST

Asad Ahmed encounter: उमेश पाल मर्डर केस का आरोपी और भगोड़ा असद अहमद मुठभेड़ में ढेर चुका है। वो करीब 49 दिन तक पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन गुरुवार को जिंदगी ने उसे हमेशा हमेशा के लिए चकमा दे दिया। यूपी एसटीएफ की पुख्ता रणनीति के आगे उसकी सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं।

Asad Ahmed encounter: वैसे तो अतीक अहमद के बेटे असद(Asad Ahmed News) के गुनाहों की लिस्ट लंबी नहीं थी लेकिन 24 फरवरी को उमेश पाल मर्डर केस में गोलियां क्या बरसाई कि गुनाह बहुत भारी हो गया। प्रयागराज के धूमनगंज में उमेश पाल(Umesh pal murder case) के साथ साथ पुलिस के दो सिपाही भी शहीद हो गए। असद के हाथ पुलिस वालों के खून से सने हुए थे लिहाजा अंजाम बेहद खराब होना ही था। जानकार बताते है कि एनकाउंटर की खबर पर बस दिन चस्पा होना था और वो दिन 13 अप्रैल के रूप में सामने आया जब झांसी में एनकाउंटर में उसे यूपी एसटीएफ(Uttar Pradesh STF) ने मार गिराया। यहां पर हम 24 फरवरी से लेकर 13 अप्रैल तक पूरे घटनाक्रम के बारे में सिलसिलेवार बताएंगे।

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13 अप्रैल को शूटर गुलाम के साथ मारा गया था असद अहमद

ऑपरेशन झांसी पर नजर

  • 24 फरवरी शाम का वक्त था, उमेश पाल कचहरी से अपने घर के लिए निकले और घर के करीब पहुंच कर कार का दरवाजा खोल नीचे उतरे की उन पर पहली गोली दागी गई, वो उठे और भागने की कोशिश की तो गोलियों की बौछार शुरू हो गई। उसके बाद तांडव देख कोई भी दहशत में आ जाएगा। अगर सीसीटीवी फुटेज ना मिली होतीं तो अतीक के बेटे असद का नाम नहीं सामने आया होता। लेकिन गोलियां चलाती हुईं तस्वीरें कैद हो चुकी थीं।
  • प्रयागराज की इस घटना के बाद राजनीतिक तौर पर होहल्ला मचा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाया तो उसका अलहदे अंदाज में जवाब देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग जिम्मेदार हैं उन्हें मिट्टी में मिला देंगे और यह केस एसटीएफ को सुपुर्द कर दिया गया।
  • एसटीएफ ने फौरी कार्रवाई करते हुए एक बदमाश विजय उर्फ उस्मान को प्रयागराज के शंकरगढ़ इलाके में मार गिराया। लेकिन असद के साथ साथ मुख्य शूटर फरार हो गए और पुलिस उनकी तलाश में जुट गई। बताया जाता है कि अतीक अहमद के बहनोई की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ के काम में तेजी आई और वारदात में शामिल बदमाशों के बारे में पुख्ता जानकारी मिलने लगी।
  • उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि उसे गुप्त सूचना मिली थी कि असद और उसका सहयोगी गुलाम अतीक अहमद को ले जा रहे पुलिस के काफिले पर हमला करने की योजना बना रहे थे, ताकि गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद को उमेश पाल मामले की सुनवाई के लिए यूपी लाया जा रहा है। हत्या का मामला। इस योजना को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स ने नाकाम कर दिया था।
  • यूपी के विशेष महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने खुलासा किया कि असद द्वारा अपने पिता को मुक्त करने की योजना की खुफिया जानकारी के बाद सिविल पुलिस और विशेष बलों की टीमों को तैनात किया गया था।
  • प्रशांत कुमार ने कहा कि सूचना के आधार पर, दो टीमों को तैनात किया गया था और असद को रोका गया था जब वह अपने सहयोगी गुलाम के साथ बाइक पर था।
  • सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और दोपहर 12:30 और 1 बजे के आसपास जवाबी गोलीबारी में दोनों मारे गए, कुमार ने कहा कि एसटीएफ ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।

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