Jagdeep Dhankhar: एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराकर उपराष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि किसान पुत्र जगदीप धनखड़ एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी होंगे। इससे पहले बीजेपी में उपराष्ट्रपति पद को लेकर कई नामों पर चर्चा हुई थी, लेकिन हमेशा की तरह बीजेपी ने इस बार भी सबको चौंकाया था।
साधारण किसान परिवार में हुआ था जगदीप धनखड़ का जन्म
जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के एक छोटे से गांव किठाना में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। जगदीप धनखड़ ने अपनी प्राथमिक शिक्षा किठाना गांव के स्कूल में पूरी की। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ से पूरी की और फिर राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद धनखड़ ने वकालत को चुना और इसकी शुरुआत राजस्थान हाई कोर्ट से की। बाद में वो राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के अध्यक्ष भी रहे थे।
जगदीप धनखड़ ने राजनीति की शुरुआत जनता दल से की थी। साल 1989-91 के दौरान धनखड़ राजस्थान की झुंझुनू लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 9वीं लोकसभा में जनता दल का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य बने। साल 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर सरकार की सरकार में धनखड़ केंद्रीय मंत्री थे। 1991 के लोकसभा चुनाव में टिकट काटने पर धनखड़ ने कांग्रेस का दामन थामा। इसके बाद 1993 में कांग्रेस के टिकट पर राजस्थान की किशनगढ़ सीट से चुनाव लड़ा और विधायक बने। साल 2003 में धनखड़ कांग्रेस पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए।
ममता बनर्जी के साथ विवादों के लेकर चर्चा में रहते हैं जगदीप धनखड़
30 जुलाई 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया था। जुलाई 2019 में राज्यपाल के रूप में पदभार संभालने के बाद से जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ विवादों के लिए अक्सर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर अत्यधिक तुष्टिकरण, सांप्रदायिक संरक्षण और माफिया सिंडिकेट जबरन वसूली का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने जगदीप धनखड़ को सांप्रदायिक कहा।
मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। देश के उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल बीजेपी के 394 सांसद हैं। जीत के लिए 390 से अधिक मतों की आवश्यकता होती है।

