बाढ़ से तबाह सिक्किम के लिए फरिश्ता बने सेना के जवान, किया लॉग ब्रिज और फुट सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Oct 11, 2023, 08:05 AM IST

सिक्किम की ल्होनाक हिमनद झील में बादल फटने से भारी मात्रा में पानी आने बाद तीस्ता नदी में आई बाढ़ से प्रदेश का उत्तरी हिस्सा तबाह हो गया। कई लोगों की जान चली गई। कई पुल बह गए। अब सरकार और भारतीय सेना उसके निर्माण में जुट गई हैं। ताकि यातायात बहाल किया जा सके।

सिक्किम की ल्होनाक हिमनद झील में बादल फटने से भारी मात्रा में पानी आने बाद तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आई बाढ़ से प्रदेश में भारी तबाही हुई। जानमाल के भारी नुकसान के अलावा कई पुल पानी में बह गए। जिसकी वजह से सिक्किम दुनिया अन्य हिस्सों से कट गया। कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए सरकार और भारतीय सेना पुल निर्माण में जुट गई है। त्रिशक्ति कोर के जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और खराब मौसम के तहत स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एक लॉग ब्रिज का निर्माण किया और उत्तरी सिक्किम में 53 अलग-थलग पड़े लोगों को सुरक्षित बचाया। उन्होंने निरंतर उपयोग के लिए एक फुट सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण शुरू किया।

Sikkim Flood Update, Indian Army

सिक्किम बाढ़ राहत बचाव में उतरे सेना के जवान

उधर सिक्किम सरकार ने बाढ़ से प्रभावित हुए राज्य के चार जिलों में 9 ‘बेली’ पुल के निर्माण को मंगलवार को मंजूरी दे दी।‘बेली’ पुल पहले से तैयार इस्पात के ढांचे को स्थापित करके बनाया जाता है। राज्य राहत आयुक्त अनिल राज राय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में इन पुलों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने इस पर आने वाली लागत का जिक्र नहीं किया।

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