Delhi: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Pollution) की वजह से हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। आज भी दिल्ली के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार पहुंच गया है। SAFAR (वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान की प्रणाली) ने शुक्रवार को खुलासा किया कि दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 34 फीसदी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता शुक्रवार की सुबह 'गंभीर' श्रेणी में बनी रही क्योंकि शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 472 पर पहुंच गया। नोएडा में AQI 562 दर्ज किया। SAFAR (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, और 'गंभीर' श्रेणी में बना रहा, जबकि गुरुग्राम का AQI 539 पर रहा और 'गंभीर' बना रहा।
दिल्ली एनसीआर में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण
वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 100 तक अच्छा माना जाता है, जबकि 100 से 200 तक मध्यम, 200 से 300 तक खराब, और 300 से 400 तक बहुत खराब और 400 से भी 500 या इससे अधिक को गंभीर माना जाता है। दिल्ली में सुबह का औसत AQI आज सुबह 453 दर्ज हुआ। राजधानी के बवाना में सबसे अधिक AQI 483 दर्ज हुआ। इसके अलावा आंनद विहार में AQI 473, मुंडका में 476, वजीरपुर475, नरेला 477, जहँगीरपुरी 485, रोहिणी 474, विवेक विहार 475, नजफगढ़ 481, इंडिया गेट 448, IGI एयरपोर्ट 453, बवाना 475,अशोक विहार 471, सोनिया विहार 473, अलीपुर 476, ITO 444, मंदिर मार्ग 374 AQI दर्ज हुआ।
ग्रैप का चौथा चरण लागू
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण के तहत विभिन्न उपायों को लागू करने का फैसला किया था। जिसके तहत दिल्ली-एनसीआर में चार पहिया डीजल हल्के मोटर वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और बीएस-6, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को छूट दी गई है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक और सीएनजी से चलने वाले ट्रकों के अलावा अन्य ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों को छूट दी गई है।लगाए हैं प्रतिबंध
वहीं दिल्ली-एनसीआर में राजमार्ग, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली पारेषण, पाइपलाइन जैसी ‘लीनियर पब्लिक प्रोजेक्ट्स’ में निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक लगा दी गई है। एनसीआर में स्वच्छ ईंधन पर न चलने वाले सभी उद्योगों को बंद करने का आदेश दिया गया, यहां तक कि उन क्षेत्रों में भी, जहां एनसीआर के लिए स्वीकृत ईंधन की मानक सूची के अनुसार ईंधन के अलावा पीएनजी बुनियादी ढांचा और आपूर्ति नहीं है। हालांकि, दूध और डेयरी इकाइयों जैसे उद्योगों और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों या यंत्रों, औषधियों और दवाओं के निर्माण में शामिल लोगों को इन प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी।राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिला स्थित नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सभी विद्यालयों में आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों के लिए अगले मंगलवार तक ऑनलाइन पढ़ाई होगी।
