Anti Paper Leak Bill: एंटी पेपल लीक बिल पर राज्यसभा में चर्चा हो रही है। गुरुवार को इस बिल को लेकर चर्चा करते हुए राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। वहीं, उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
राज्यसभा में खरगे ने पेपर लीक कानून पर सरकार को घेरा। ANI
वहीं, खरगे ने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कुछ बाते कहीं। खरगे आपका कहना है कि विश्वविद्यालयों में अच्छे शिक्षक, अच्छे वीसी आएं. लेकिन आप जो सिलेबस बदल रहे हैं, उसमें ये भी आ रहा है- शूद्र के वेद पाठ सुनने पर शीशे और जस्ते से उसके कान भर दिए जाए। वेद मंत्र का उच्चारण करने पर उसकी जीभ काट ली जाए। ये आरएसएस सिलेबस है। ऐसे विचारों की निंदा करता हूं। ऐसी सामग्री को सिलेबस से हटाया जाए। यूनिवर्सिटी में आरएसएस के लोग भरे जा रहे हैं। यूपीए सरकार ने सबको समान शिक्षा के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया।
खरगे के इस बयान पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हो रहा है। इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है। मनुस्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ऐतिहासिक और साहित्यिक संदर्भों के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जिन उद्धरणों का उल्लेख किया जा रहा है, वे मूल मनुस्मृति में नहीं हैं। उन्होंने विलियम जोन्स के अंग्रेजी अनुवाद तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तकों Who Were the Shudras? और The Untouchables का हवाला देते हुए कहा कि इतिहास की व्याख्या तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक दृष्टिकोण से।
छात्र पर हमलों का जिम्मेदार होम मिनिस्टर:खरगे
उन्होंने आगे कहा,"हजारों छात्रों ने संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च किया। वे संवाद चाह रहे थे। उनको मिला लाठीचार्ज, आंसू गैस, पैलेट गन, रेलवे स्टेशन बंद, इंटरनेट बंद। इससे छात्र उचक गए। आप शांति से उनको संभाल नहीं सके। कई छात्र घायल हो गए। कई बच्चों को आंखों में छर्रे लगे। ये देखकर हमको शर्म आई, उनको आया कि नहीं मुझे मालूम नहीं। मेरे विद्यार्थी जो गांव-गांव से आए, उनको पैलेट गन का इस्तेमाल करके मार रहे हैं। उनके हाथ-पैर टूटे। इसका जिम्मेदार कौन है। होम मिनिस्टर है।
इस्तीफा दें अमित शाह: खरगे
उन्होंने कहा, अगर इस मुद्दे पर अमित शाह कुछ कह नहीं सकते तो इस्तीफा दे दें। वहीं, पीएम मोदी ने पीएम मोदी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को रातभर नींद नहीं आ रही थी। रात के 12 बजे वीडियो बनाया। इनको तो मन की बात करने की, पहले की सरकारों को गालियां देने की आदत है। बेचैन हुए, तो वीडियो बनाकर बोले- थैंक्यू फ्रेंड्स।
खरगे ने कहा,"देश के युवा को मुबारकबाद देता हूं उनका संघर्ष रंग लाया शिक्षा मंत्री को हटाना पड़ा। सरकार को ये पता चलगया की आगे कुछ और होगा तो कुर्सी चली जायेगा, जो डिमांड था उसको माना गया। ये खुद को बचने के लिए कानून लाया गया। खरगे ने कहा, "छात्रों का संघर्ष रंग लाया। सरकार को झुकना पड़ा। युवाओं की ताकत देखना पड़ा। सरकार को मालूम हुआ। अगर कुछ खींचतान करेंगे तो कुर्सी चली जाएगी। कुर्सी बचाने के लिए ये काम किया। ना कि छात्रों की समस्याओं को समझाने के लिए।"
खरगे के बयान पर मचा बवाल
खरगे ने कहा कि बंद कमरे में आप मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन छिपकर आप बहुत दिन रह नहीं सकते। एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे और जनता के सामने दिखाएंगे कि क्या है। इस पर ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे की स्पीच में असंसदीय शब्द के इस्तेमाल का दावा करते हुए चेयरमैन से इसे एक्सपंज करने की मांग की।
