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'यह सिर्फ मेरी नहीं, हर बेटी की लड़ाई है': अंकिता भंडारी के माता-पिता का दिल्ली में बड़ा अल्टीमेटम, राज्यपाल नियुक्ति रोकने और CBI जांच की मांग

Delhi Protest Soni Devi Virendra Singh Bhandari: क्यों सऊदी अरब ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हूती विद्रोहियों के खिलाफ संयुक्त मोर्चे के प्रस्ताव को खारिज कर दिया? जानिए इसके पीछे की कूटनीतिक वजहें।

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'यह सिर्फ मेरी नहीं, हर बेटी की लड़ाई है': अंकिता भंडारी के माता-पिता का दिल्ली में बड़ा अल्टीमेटम, राज्यपाल नियुक्ति रोकने और CBI जांच की मांग

Ankita Bhandari Parents: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता ने राजधानी दिल्ली में मोर्चा खोल दिया है। अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने मीडिया के सामने आकर सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति को राज्यपाल बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है और सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

मां सोनी देवी की दो टूक: 'न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष'

दिल्ली में अपनी बात रखते हुए अंकिता की मां सोनी देवी ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में कहा, 'मैं अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करती हूं। इसके अलावा, जिस व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है- मैं चाहती हूं कि उस नियुक्ति को रोका जाए और इस मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराई जाए। समाज के नाम मेरा संदेश यह है कि जैसे आपने अतीत में मेरा और मेरी बेटी अंकिता का समर्थन किया है, कृपया वैसे ही आगे भी साथ खड़े रहें क्योंकि यह सिर्फ मेरी बेटी की लड़ाई नहीं है- यह हर किसी की बेटी की लड़ाई है।'

पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी के गंभीर आरोप और मांगें

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने इस मामले में कई गंभीर तकनीकी और राजनीतिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वे लोग इंडिया गेट पर धरना देने के इरादे से आए थे। उन्होंने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:

राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर सवाल: परिवार ने आपत्ति जताई है कि जिस व्यक्ति (दुष्यंत कुमार गौतम) का नाम इस मामले के संदर्भ में सामने आया है, सरकार ने उसे सिक्किम का राज्यपाल कैसे नियुक्त कर दिया? जब तक मामला लंबित है, इस नियुक्ति को रद्द किया जाए।

24 घंटे का अल्टीमेटम: परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर यह नियुक्ति वापस नहीं ली गई, तो पूरे देश और उत्तराखंड भर की जनता सड़कों पर उतरकर व्यापक प्रदर्शन करेगी।

सबूत मिटाने वालों पर कार्रवाई: मांग की गई है कि सीबीआई उन सभी लोगों को जवाबदेह ठहराए जो इस मामले में सबूतों को नष्ट करने (Destruction of Evidence) के लिए जिम्मेदार हैं।

कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा: परिवार ने मांग की है कि 18-19 सितंबर 2022 के दौरान के अजय कुमार और दुष्यंत कुमार के फोन रिकॉर्ड व लोकेशन डेटा की जांच की जाए।

मुख्य आरोपी का पुराना फोन और डुप्लीकेट सिम: पिता ने एसआईटी (SIT) पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य आरोपी पुलकिल का पुराना फोन बरामद नहीं किया जा सका है। उन्होंने मांग की कि उस नंबर का डुप्लीकेट सिम कार्ड जारी करवाकर सारा डाटा निकाला जाए, जिससे यह साफ हो सके कि उस दिन पुलकित की किससे बात हुई थी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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