आंध्र प्रदेश सरकार का सख्त रुख; तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट मामले में मास्टरमाइंड की पहचान के लिए बनेगी कमेटी

तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू में मिलावट के आरोपों को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस मामले की गहराई से जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान पर चर्चा हुई। सरकार ने पूरे प्रकरण की समीक्षा के लिए एक विशेष अल्पकालिक प्रशासनिक समिति गठित करने का फैसला किया है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने मंगलवार को तिरुपति मंदिर के लड्डू में कथित मिलावट के मामले में असली साजिशकर्ता की पहचान के लिए एक नई कमेटी गठित करने का निर्णय लिया। यह फैसला मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया। बैठक के बाद वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट ने इस मामले की जांच कर चुकी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहराई से समीक्षा करने और मास्टरमाइंड का पता लगाने के उद्देश्य से एक अल्पकालिक प्रशासनिक समिति बनाई जाएगी। सरकार ने साफ किया कि पवित्र लड्डू निर्माण में उपयोग किए जाने वाले घी में मिलावट को बेहद गंभीरता से लिया गया है और रिपोर्ट में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Andhra Pradesh Government Orders High-Level Review into Alleged Tirupati Laddu Adulteration Case (Photo: PTI))

तिरुपति लड्डू में मिलावट मामले की हाई-लेवल जांच के आदेश (फोटो: PTI)

घी में मिलावट के मुद्दे पर विचार-विमर्श

मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने करीब तीन घंटे तक घी में मिलावट के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, सीबीआई की निगरानी में एसआईटी ने इस मामले की जांच की थी। जांच एजेंसी की ओर से राज्य सरकार को दो दस्तावेज सौंपे गए हैं—एक पहले से अदालत में दाखिल चार्जशीट और दूसरी 11 पन्नों की एक गोपनीय रिपोर्ट। चार्जशीट अदालत द्वारा औपचारिक संज्ञान लिए जाने के बाद ही सरकार और संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी।

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