Anandapur Fire Incident: कोलकाता के आनंदपुर इलाके में सोमवार को भीषण आग लगने से दो गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस दौरान कई मजदूर गोदाम के भीतर सो रहे थे। अब तक कम से कम 11 जले हुए शव बरामद किए गए हैं। हालांकि, शवों की संख्या और बढ़ सकती है।
आनंदपुर में दो गोदाम जलकर खाक
पुलिस को आशंका है कि मलबे में अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। जांच में इमारत में कई गंभीर सुरक्षा चूक की बात सामने आई है। इसी परिसर में मशहूर फूड चेन Wow! Momos का एक गोदाम भी स्थित था। अधिकारियों के मुताबिक, जिन दो गोदामों में आग लगी, वह बिना अनिवार्य फायर सेफ्टी क्लियरेंस के चल रहे थे। जिसकी वजह से आग बुझाने के प्रयासों में भारी दिक्कत आई और आग का दायरा भी बढ़ता गया।
जांच के घेरे में क्यों आया Wow! Momos?
यह आग आनंदपुर के नजीराबाद इलाके में रूबी क्रॉसिंग के पास स्थित एक विनिर्माण इकाई में लगी। जिसके तत्काल बाद दमकल विभाग, पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके को सील कर दिया गया, क्योंकि गोदाम में मौजूद अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। शुरुआती रिपोर्ट्स में आग की शुरुआत Wow! Momos के गोदाम से होने की बात कही गई थी। हालांकि, कंपनी ने इस दावे को खारिज किया है।
Wow! Momos ने एक बयान जारी कर कहा कि आग हमारे गोदाम में नहीं, बल्कि पास के एक गोदाम में लगी थी। फॉरेंसिक और पुलिस जांच में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है।
वाह! मोमोज लगभग 12,000 वर्ग फीट में फैले गोदाम का संचालन करता है जिसका इस्तेमाल पैकेजिंग सामग्री, पेय पदार्थ और अन्य आवश्यक आपूर्ति के भंडारण के लिए किया जाता था। हालांकि, वाह! मोमोज ने यह जगह किराये पर ली हुई है और जिस व्यक्ति के पास यह गोदाम है, उसके पास बड़े डेकोरेटर का गोदाम भी है, जहां से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
कंपनी ने पुष्टि की कि घटना के समय उसके गोदाम के अंदर मौजूद तीन लोगों की जान चली गई। बयान में कहा गया है, "आउटसोर्स एजेंसी द्वारा तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ दो कर्मचारी गोदाम के अंदर काम कर रहे थे। तीनों की आग में मौत हो गई।"
अग्नि सुरक्षा चूक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों गोदामों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही बुनियादी अग्निशमन उपकरण मौजूद थे। इमारत भी कमजोर हो चुकी है, जिसकी वजह से बचाव कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।
आपदा प्रतिक्रिया टीम के एक अधिकारी ने कहा, "ढांचा काफी कमजोर हो गया है। किसी भी समय गिरने का खतरा है। बचावकर्मियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए बचाव अभियान सावधानी से चल रहा है।''
अधिकारियों ने आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने और और यह सत्यापित करने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या कोई फायर ऑडिट किया गया था या नहीं। एक अधिकारी ने कहा, "चूक के लिए गोदाम मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
अपनों को तलाशते दिखे लोग
इस अग्निकांड के बाद मौके रिश्तेदारों की तलाश में परिवारों के मार्मिक दृश्य सामने आए। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में गारिया मौसमी हलदर ने कहा, "मेरे पति ने मुझे सुबह 3 बजे के आसपास फोन किया और कहा- मैं नहीं बचूंगा, तुम मुझे फिर कभी नहीं देख पाओगी। जब मैं पहुंची, तो पुलिस वहां थी और आग भड़क रही थी। कोई अंदर नहीं जा पा रहा था।"
एक पूर्व कर्मचारी ने बताया, ''जब मैं यहां काम करता था, तब भी कोई फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं था। दमकल की व्यवस्था ठीक नहीं थी। मेरा दोस्त अब यहां काम करता है, और मुझे सुबह आग के बारे में पता चला।''
