Parliament Session: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर बहस के दौरान विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि आज जब 75 साल के समय के बाद संविधान को स्वीकार करने के बाद पीछे मुड़कर देखते हैं तो सरदार पटेल का मैं धन्यवाद करना चाहता हूं कि उनके अथक परिश्रम के कारण आज एक होकर देश मजबूती के साथ दुनिया के सामने खड़ा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो साभार: @BJP4India)
5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
अमित शाह ने कहा कि जो लोग कहते थे कि हम आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो पाएंगे, उनको भी हमारी जनता ने, हमारे संविधान ने खूबसूरती से जवाब दिया है। आज हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर सम्मान के साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि आज हम जिस मुकाम पर खड़े हैं, उस मुकाम पर महर्षि अरविंद और स्वामी विवेकानंद की वो भविष्यवाणी सच होती दिखाई पड़ती है कि भारत माता अपनी देदीप्यमान ओजस्वी स्वरूप में जब खड़ी होंगी, तब दुनिया की आंखें चकाचौंध हो जाएगी और पूरी दुनिया रोशनी के साथ भारत की ओर देखेगी।
अमित शाह ने कहा कि कोई ये न समझे कि हमारा संविधान दुनिया के संविधानों की नकल है। हां, हमने हर संविधान का अभ्यास जरूर किया है, क्योंकि हमारे यहां ऋग्वेद में कहा गया है, हर कोने से हमें अच्छाई प्राप्त हो, सुविचार प्राप्त हो और सुविचार को स्वीकारने के लिए मेरा मन खुला हो। हमने सबसे अच्छा लिया है, लेकिन हमने हमारी परंपराओं को नहीं छोड़ा है। पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी है, तो संविधान में भारतीयता कभी दिखाई नहीं देगी।
भाजपा ने अबतक कितनी बार संविधान में संशोधन किया?
उन्होंने कहा कि भाजपा ने 16 साल तक शासन किया और संविधान में 22 संशोधन किए। इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी ने 55 साल तक शासन किया और 77 संशोधन किए। दोनों पार्टियों ने संविधान में संशोधन किए हैं। संशोधनों को लागू करने के अलग-अलग तरीके हैं- कुछ संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, जबकि अन्य केवल औपचारिकता के तौर पर किए जा सकते हैं। संविधान में संशोधन के पीछे के उद्देश्यों की जांच करके किसी पार्टी के चरित्र और इरादों को समझा जा सकता है।
कांग्रेस पर बरसे शाह
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी जी के चुनाव को निरस्त कर दिया था, लेकिन उन्होंने संशोधन से प्रधानमंत्री पद की न्यायिक जांच पर भी प्रतिबंध लगा दिया। अभी जो अधिकारों की गुहार लेकर मेरे कम्युनिस्ट भाई जो घूमते हैं, उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि आप किसके साथ बैठे हो।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे प्रधानमंत्री तो कहते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नहीं, प्रधान सेवक हूं और कोई कहता है कि मुझ पर मुकदमा नहीं हो सकता है मैं शासक हूं, शासक के खिलाफ उंगली नहीं उठाई जाती है, भले ही संविधान ने वो अधिकार दिया है। हम अधिकार को समाप्त कर देते हैं।
