आपराधिक कानूनों की जगह लेंगे ये 3 विधेयक, लोकसभा में अमित शाह ने पेश किए बिल

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 13, 2023, 07:23 AM IST

Redrafted Bills in Loksabha: एक विधेयक में 'आतंकी कृत्य' की परिभाषा का दायरा बढ़ाने वाला है। नए सिरे से पेश किए गए विधेयकों में आतंकवाद की परिभाषा समेत कम से कम पांच बदलाव किए गए हैं। एक विधेयक में 'आतंकी कृत्य' की परिभाषा का दायरा बढ़ाने वाला है।

Redrafted Bills in Loksabha: केंद्र सरकार अंग्रेजों के समय में बने कानूनों को एक-एक कर समाप्त करते हुए उनकी जगह ज्यादा प्रासंगिक विधेयकों को पेश कर कानून बना रही है। इसी क्रम में उसने मंगलवार को लोकसभा में आपराधिक कानूनों से जुड़े तीन विधेयकों को वापस ले लिया और इनकी जगह नए विधेयक पेश किए। इन मसौदा विधेयकों में संसद की स्थायी समिति के सुझावों को शामिल किया गया है। एक विधेयक में 'आतंकी कृत्य' की परिभाषा का दायरा बढ़ाने वाला है। नए सिरे से पेश किए गए विधेयकों में आतंकवाद की परिभाषा समेत कम से कम पांच बदलाव किए गए हैं। भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता विधेयक में आतंकवाद की परिभाषा में अब अन्य परिवर्तनों के साथ-साथ ‘‘आर्थिक सुरक्षा’’ शब्द भी शामिल है।

Amit Shah

लोकसभा में विधेयक पेश करने के बाद अमित शाह।

शाह ने नए विधेयकों को पेश किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के मानसून सत्र में सदन में पेश किए गए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) विधेयक, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) विधेयक, 2023 और भारतीय साक्ष्य (बीएस) विधेयक, 2023 को वापस लेने का प्रस्ताव रखा जिसे सदन ने मंजूरी दी। इसके बाद उन्होंने नए विधेयकों को पेश किया।

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