Amit Shah Goa Speech: गोवा के डोना पॉला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में आए बड़े और सकारात्मक बदलावों को जनता के सामने रखा। शाह ने कहा कि जब 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली थी, तब भारत के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां थीं-जम्मू-कश्मीर में फैलता आतंकवाद, पूर्वोत्तर भारत में हिंसक उग्रवाद और देश के बड़े हिस्से को लील रहा नक्सलवाद।
गोवा से अमित शाह का संदेश
इसके अलावा, देश भर में लगातार होते बम धमाके और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठते सवाल सरकार के सामने एक बड़ी परीक्षा थे।
आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां अलगाववाद की भावना में भारी कमी आई है और आतंकवाद के आंकड़े लगभग शून्य की तरफ बढ़ रहे हैं। मानसिक दूरियां खत्म हुई हैं और घाटी अब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
वहीं, दशकों पुराना नक्सलवाद अब बीते दिनों की बात बन चुका है। 'रेड कॉरिडोर' का सपना देखने वालों ने हथियार डालकर मुख्यधारा का रास्ता चुन लिया है। पूर्वोत्तर में भी करीब 10,000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया है और 14 से अधिक शांति समझौतों के जरिए इलाके में नए युग की शुरुआत हुई है। अमित शाह ने बताया कि 2004-14 के दौरान 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी, जो 2014-26 में बढ़कर 1.19 करोड़ किलोग्राम हो गई। इसकी कीमत 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
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भगोड़ों की लगभग 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति सील-अमित शाह
गृह मंत्री ने आर्थिक अपराध करने वाले और विदेशों में जाकर छिपने वाले भगोड़ों पर हुई कार्रवाई का भी ब्यौरा दिया। 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों का प्रत्यर्पण कराकर उन्हें भारतीय अदालतों के सामने लाया गया है। इसके लिए 'भारत-पोल' नाम का एक विशेष और मजबूत सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे देश की 14 से ज्यादा केंद्रीय एजेंसियां और सभी राज्यों की पुलिस आपस में जुड़ी हुई हैं। इसके जरिए भगोड़ों की लगभग 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति सील की जा चुकी है।
2029 तक भारत होगा 'ड्रग-फ्री'-गृहमंत्री
अपराध और साइबर सुरक्षा पर बोलते हुए शाह ने कहा कि आज राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन '1930' आम जनता के लिए एक सुरक्षा कवच बन चुकी है। देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के सकारात्मक नतीजे मिलने लगे हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने गोवा पुलिस की सराहना की, जिसने नए नियमों की बदौलत अपने कनविक्शन रेट (दोषसिद्धि दर) को 22% से बढ़ाकर 53.2% तक पहुंचा दिया है।
इसके साथ ही, सरकार ने 2029 तक (India Drug Free 2029) भारत को पूरी तरह 'ड्रग-फ्री' (नशा मुक्त) बनाने का संकल्प लिया है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के कारोबार से आने वाला पैसा आतंकवाद को बढ़ावा देता है, जिसे खत्म करना बेहद जरूरी है। इसके लिए 'एनसीओआरडी' (NCORD) और राज्यों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मिलाकर एक समन्वित रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि नशामुक्त और सुरक्षित भारत का सपना साकार हो सके।
